भास्कर खास:लातेहार में पारा 43 के पार, औरंगा नदी सूखी

लातेहारएक महीने पहले
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लाइफ लाइन माने जाने वाली औंरंगा नदी सूखी। - Dainik Bhaskar
लाइफ लाइन माने जाने वाली औंरंगा नदी सूखी।
  • 18 तारीख के बाद अधिकतम पारा 3 डिग्री बढ़ा, न्यूनतम में केवल एक डिग्री का अंतर

जिले का पारा 43 डिग्री पार कर गया है।। गर्मी और लू से किसानों की फसल भी दम तोड़ने लगी है। सुबह नौ बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। वहीं रात में उमस भरी गर्मी से लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं।

पावर कट की समस्या अलग है। तीखी धूप से बचने के लिए लोग मुंह में कपड़े ढककर निकल रहे हैं। गर्मी के कारण ठंडे पेय पदार्थों की ओर लोगों की रुचि बढ़ने लगी है, जिससे बाजार में जगह जगह गन्ने, सत्तू सहित अन्य ठंडे पेय पदार्थों की दुकानें देखे जा रहे हैं।

लोग ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर गर्मी से राहत पा रहे हैं। वहीं दुकानों पर भी विभिन्न कोल्ड ड्रिंक्स की मांग भी बढ़ने लगी है। इधर, बढ़ती गर्मी के कारण नदी, तालाब, कुआं का जल स्तर नीचे चला गया है। वहीं कई नदी, तालाब, कुआं, चापानल में पानी सूख गई है।

शहर के लाइफ लाइन माने जाने वाली औरंगा नदी भी पूरी तरह सूख गई है। शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अत्यधिक गर्मी पड़ रही है। इस वर्ष मार्च माह से ही गर्मी शुरू हो गई थी। अप्रैल, मई में प्रचंड गर्मी पड़ रही है।

डॉक्टरों की सलाह-बिना वजह घर से नहीं निकलें, दिक्कत होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें
तापमान में वृद्धि से शरीर पर भी असर पड़ने की संभावना है। गर्मी में लू लगने के साथ साथ चर्म रोग अत्यधिक बढ़ जाती है। इसलिए लोगों को तीखी धूप से बचना जरूरी है। इस मौसम में पानी भी खूब पीना चाहिए।

सदर अस्पताल के डॉक्टर नीलमणि ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि बढ़ते धूप के कारण लोग बेवजह घर से बाहर नहीं निकले। उन्होंने आगे बताया कि अगर लोगों को धूप में रहने के कारण अत्यधिक पसीना और चक्कर जैसा महसूस हो तो वह डॉक्टर से संपर्क करें।

सप्ताह भर का तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
16.5.2022 41 26
17.5.2022 38 23
18.5.2022 40 26
19.5.2022 42 25
20.5.2022 43 25
21.5.2022 43 26

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