शशिधर बोले:संयुक्त परिवार की अवधारणा भारतीयता की विशेषता, इसे फिर स्थापित करें

लोहरदगा21 दिन पहले
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शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर के वीर बुधू भगत सभागार में दादा दादी, नाना नानी सम्मान समारोह का शनिवार को आयोजन हुआ। आगत अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, सचिव अजय प्रसाद, सदस्या शोभा देवी, शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे एवं विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास उपस्थित थे।

विद्यालय के आचार्य गोरख पांडे ने अतिथियों का परिचय कराया। अंग वस्त्र देकर अतिथियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि आज के भौतिकवादी परिवेश में बच्चों द्वारा अपने दादा -दादी, नाना -नानी के प्रति सम्मान देने में कमी दिखाई पड़ रही है।

विद्या भारती ने इस कमी को दूर करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित करने की योजना निर्धारित की है। प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष ने कहा कि आज के परिवेश में एकल परिवार की व्यवस्था पनप रही है, जो अपनी संस्कृति के प्रतिकूल है।

संयुक्त परिवार की अवधारणा भारतीयता की विशेषता रही है। इसको पुन: स्थापित करने की जरूरत है। विद्यालय की बहनों द्वारा इनके सम्मान में गीत प्रस्तुत किया गया। दादा दादी, नाना नानी के पूजन का कार्य भैया /बहनों ने प्रारंभ करते हुए सर्वप्रथम चरण प्रक्षालन, चंदन वंदन, पुष्पार्पण, आरती एवं प्रसाद खिला कर सादर अभिवादन एवं प्रदक्षिणा किया।

शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडेय ने कहा कि हमें अपने दादा- दादी, नाना -नानी के प्रति सम्मान एवं आत्मीयता का भाव रखना चाहिए।

अभिभावक स्वरूप उपस्थित रविंद्र नाथ राय ने अपना अनुभव प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के उप प्रधानाचार्य अमरकांत शुक्ला ने किया। मंच संचालन मंजू देवी ने किया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्यवृंद एवं भैया बहन उपस्थित थे।

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