• Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • AIIMS construction work slowed due to lockdown in Deoghar, OPD service expected to start in October November

कोरोना लॉकडाउन इफेक्ट / अब जुलाई में नहीं, अक्टूबर-नवंबर में शुरू होगी देवघर एम्स की ओपीडी सेवा

देवघर एम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरभ वारसेनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर काम धीमा पड़ गया है, लेकिन हमारी कोशिश है कि अक्टूबर-नवंबर महीने तक एम्स की ओपीडी सेवा प्रारंभ कर दी जाए। देवघर एम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरभ वारसेनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर काम धीमा पड़ गया है, लेकिन हमारी कोशिश है कि अक्टूबर-नवंबर महीने तक एम्स की ओपीडी सेवा प्रारंभ कर दी जाए।
X
देवघर एम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरभ वारसेनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर काम धीमा पड़ गया है, लेकिन हमारी कोशिश है कि अक्टूबर-नवंबर महीने तक एम्स की ओपीडी सेवा प्रारंभ कर दी जाए।देवघर एम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरभ वारसेनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर काम धीमा पड़ गया है, लेकिन हमारी कोशिश है कि अक्टूबर-नवंबर महीने तक एम्स की ओपीडी सेवा प्रारंभ कर दी जाए।

  • लॉकडाउन के चलते काम पड़ा धीमा, 76 बेड का बनेगा आईसीयू

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:27 PM IST

देवघर. लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की पहल पर जिले के देवीपुर में निर्माणाधीन एम्स का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। कोविड-19 की वजह से लॉकडाउन में काम प्रभावित होने के कारण अब जुलाई में ओपीडी शुरू नहीं हो पाएगा। अक्टूबर से नवंबर के बीच ओपीडी सेवा शुरू होने की उम्मीद है। देवघर एम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरभ वारसेनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर काम धीमा पड़ गया है, लेकिन हमारी कोशिश है कि अक्टूबर-नवंबर महीने तक एम्स की ओपीडी सेवा प्रारंभ कर दी जाए। इसके लिए स्थल का भी चयन किया जा रहा है। यदि देवीपुर में ओपीडी का निर्माण कार्य पूरा हो जाता है, तो वहीं पर ओपीडी की शुरुआत की जाएगी, अन्यथा विकल्प के तौर पर दूसरे स्थल का भी चयन किया जा रहा है।

11 पदों पर कर्मी कार्यरत, जल्द ही चार पदों पर होगी नियुक्ति
देवघर में एम्स के लिए 187 पद स्वीकृत हैं, जिसमें वर्तमान में एक 11 पदों पर लोग कार्यरत हैं। जल्द ही चार पदों पर नियुक्ति होने वाली है। इसके बाद निर्माण कार्य होने के साथ-साथ सभी रिक्त पदों को भरने की तैयारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि एम्स बन जाने से देवघर जिले के साथ-साथ देवघर से सटे बिहार, बंगाल एवं समस्त झारखंड सहित पूरे ईस्ट जोन के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा, जो मील का पत्थर साबित होगा। यहां से लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। देवघर में बननेवाले एम्स में 22 ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिनमें से दो आपातकालीन ओटी होंगे। 76 बेड का आईसीयू बनाया जाएगा।

इस वर्ष भी 50 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा
डॉक्टर सौरभ वारसेनी ने बताया कि पिछले साल सितंबर में 50 सीटों पर पंचायत प्रशिक्षण भवन में एम्स की पढ़ाई की शुरुआत की गई। वहीं इस साल भी 50 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा और छात्रों को पढ़ाई पूरी कराने के बाद एम्स के लिए डॉक्टर तैयार किए जाएंगे। एम्स का भवन निर्माण करा रहे एनबीसीसी के चीफ जोनल मैनेजर सुमन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की यह बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है। जब एम्स पूरी तरह बनकर तैयार हाे जाएगा, तो इस क्षेत्र का सबसे अत्याधुनिक एम्स होगा।

246 एकड़ भूखंड पर चार चरणों में एम्स का निर्माण होगा 
246 एकड़ भूखंड पर 4 चरणों में एम्स का निर्माण कार्य होना है, जिसमें अभी पहले चरण का कार्य चल रहा है। पहले चरण में 750 बेड का अस्पताल के साथ-साथ गर्ल्स हॉस्टल, ब्वॉयज हॉस्टल के साथ-साथ ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू आदि का निर्माण किया जाएगा। इसमें 22 मंजिला भवन के साथ-साथ अन्य कई भवनों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की आगे की नीति में 750 बेड को बढ़ाकर तीन हजार बेड का अस्पताल करने की योजना है। इसमें डायलिसिस सेंटर सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करायी जाएंगी।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना