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गृह मंत्रालय के जरिए विदेशी चंदे में घालमेल:रांची के सृजन फाउंडेशन सहित देशभर के कई NGO पर CBI ने दर्ज की प्राथमिकी

धनबाद2 महीने पहलेलेखक: विकास सिंह
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सीबीआई की ओर से की गई कार्रवाई। प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
सीबीआई की ओर से की गई कार्रवाई। प्रतीकात्मक तस्वीर।

CBI ने विदेशी चंदा नियमों (FCRA ) के उल्लंघन के मामले में देशभर में 40 जगहों पर छापेमारी की है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय के 7 अफसरों को भी आरोपी बनाया गया है। अब इस घालमेल के तार झारखंड से जुड़ गए हैं। गृह मंत्रालय के FCRA डिवीजन में तैनात सात अधिकारी विदेशों से विभिन्न NGO के खातों में आने वाले चंदे को परमिशन देते हैं। इनसे लाभान्वित होने वाले NGO में हजारीबाग के विजॉय इन्क्लेव के पते से संचालित सृजन फाउंडेशन और उसके प्रतिनिधि रांची में बांधगाड़ी गेट नंबर 1 में पृथ्वी होम्स में रहने वाले स्वपन मन्ना शामिल हैं।

स्वप्न ने विदेशी मुद्रा को NGO के खाते में ट्रांसफर के लिए मोरहाबादी के कुसुम विहार में रहने वाले हवाला ऑपरेटर विमल तवानिया उर्फ बाबा के जरिए एक लाख रुपए की घूस दिल्ली पहुंचाई। बाबा ने यह राशि दिल्ली के चांदनी चौक निवासी पवन कुमार शर्मा उर्फ पारीक भाई को दी। पवन ने यह रुपए गृह मंत्रालय के अधिकारी प्रमोद कुमार भसीन को दी। इसी तर्ज पर भसीन ने दिल्ली, तेलंगाना, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, असम और तमिलनाडु में संचालित दर्जन भर से अधिक NGO के खातों में विदेशी धन की एंट्री का रास्ता साफ किया।

भसीन के साथ इस गोरखधंधे में गृह मंत्रालय के असिस्टेंट डायरेक्टर समेत कई बड़े अधिकारियों की मिलीभगत उजागर हुई। इसके बाद दिल्ली CBI के एंटी करप्शन ब्यूरो ने बुधवार को गृह मंत्रालय के सात अधिकारी, रांची के सृजन फाउंडेशन व उसके प्रतिनिधि मन्ना व हवाला कारोबारी बाबा समेत 36 लोगों व NGO के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।

गृह मंत्रालय के अधिकारी कॉल कर NGO संचालकों से मांगते थे रकम
CBI के अनुसार, एफसीआरए डिवीजन में तैनात अधिकारी प्रमोद कुमार भसीन ने एनजीओ सृजन फाउंडेशन समेत कई NGO के संचालकों को फोन किया, जिनका रजिस्ट्रेशन का आवेदन या तो गृह मंत्रालय में लंबित है या फिर रिन्युअल होना है। जिनका रिन्युअल पेंडिंग है, उन्हें कहा जाता है कि विदेश से आने वाले चंदे का 10% देना होगा। नए रजिस्ट्रेशन के लिए तय रकम बताई गई। इसके बाद NGO संचालकों से हवाला कारोबारियों के जरिए पैसे दिल्ली मंगवाए गए।

CBI ने प्राथमिकी में इन्हें बनाया है आरोपी
1. प्रमोद कुमार भसीन, अधिकारी, गृह मंत्रालय,
2. आलोक रंजन, सीनियर एओ, गृह मंत्रालय
3. राज कुमार, एसीसीटीटी, गृह मंत्रालय
4. शहीद खान, असिस्टेंट डायरेक्टर, एफसीआरए, गृह मंत्रालय
5. गजनफर अली, अधिकारी, गृह मंत्रालय
6. तुषार कांति रॉय, अधिकारी, गृह मंत्रालय
7. वागीश, सीए, कोयम्बटूर
8. पवन कुमार शर्मा उर्फ पारीक भाई, व्यापारी, नई दिल्ली
9. रामाचंद पारीक, हवाला ऑपरेटर, चेन्नई
10. विमल तवानिया, हवाला ऑपरेटर, बरियातू मोराबादी, रांची
11. स्वप्न मन्ना, प्रतिनिधि, सृजन फाउंडेशन, रांची
(इसके अलावा 26 NGO , उनके प्रतिनिधि, सीए व कुछ व्यक्तियों को भी सीबीआई ने नामजद किया है।)

झारखंड में बड़ी कारवाई
दावा किया जा रहा है कि रांची में हवाला कारोबारी के ठिकाने से 57 लाख रुपये नकद जब्‍त किया गया। हवाला कारोबारी विमल के रांची स्थित कुसुम विहार, मोरहाबादी और एनजीओ सृजन के ठिकानों पर छापा पड़ा। CBI ने देशव्यापी छापेमारी में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों से कुल 3.21 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। रांची में CBI की टीम ने हवाला कारोबारी विमल के तीन ठिकानों को खंगाला। इस क्रम में कारोबारी के पास से कुल 57 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।

सृजन फाउंडेशन के रांची (दीपाटोली) कार्यालय और हजारीबाग (मटवारी) के मुख्यालय पर भी CBI ने दबिश दी। एनजीओ के दफ्तर से CBI ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं। यह कारोबारी राजस्थान का रहने वाला है। उसके घर में यह पैसा एक कपड़े की थैली में छिपाकर रखा हुआ था। विमल के रांची से बाहर होने के चलते CBI की टीम उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। वह कुसुम विहार इलाके में 9000 रुपये मासिक किराये के एक मकान में रहकर अपना हवाला कारोबार करता है।

NGO है।

CBI की छापेमारी में इनको किया गया गिरफ्तार
प्रमोद कुमार भसीन,अशोक रंजन,राज कुमार,शाहिद खान,गजनाफर अली,तुषार कांति राय,पवन कुमार शर्मा,रामानंदन पारिख,रोविन देवदास,रवि शंकर अंबष्ठ,मनोज कुमार,संतोष कु प्रसाद,अमित चंद्रा,वाघिस

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