झारखंड में जज की हत्या का मामला:ADJ को ऑटो से टक्कर जहां लगी, वहां पहुंची CBI; क्राइम सीन किया रिक्रिएट, आरोपी लखन और राहुल 5 दिन की रिमांड पर

धनबाद3 महीने पहले
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धनबाद में शनिवार को सीन रिक्रिएट करती CBI की टीम। - Dainik Bhaskar
धनबाद में शनिवार को सीन रिक्रिएट करती CBI की टीम।

धनबाद ADJ-8 उत्तम आनंद की हत्या के मामले में CBI की टीम ने शनिवार को रणधीर वर्मा चौक स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थल का जायजा लेते हुए CBI की CFSL टीम ने अपने स्तर से सबूत इकट्ठा किए। वहीं, क्राइम सीन रिक्रिएट कर यह समझने का प्रयास किया कि वास्तव में उस दिन क्या घटा होगा? घटना के दिन जज को धक्का मारने के वक्त ऑटो की गति क्या रही होगी? जांच के दौरान चौक के पास खड़ी सभी गाड़ियों को CBI के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने हटाया। इधर, जज को ऑटो से टक्कर मारने के आरोपी लखन कुमार वर्मा और राहुल कुमार वर्मा को पांच दिन की रिमांड पर CBI को सौंपने का आदेश दिया गया है।

इस संबंध में दिल्ली CBI के स्पेशल क्राइम सेल के ASP और केस के जांच अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने CJM अर्जुन साव की कोर्ट में आवेदन दिया था। साथ ही कोर्ट ने जिला प्रशासन को दोनों आरोपियों को 12 अगस्त को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।

CBI की टीम ने क्राइम सीन रिक्रिएट कर यह समझने का प्रयास किया कि वास्तव में उस दिन क्या घटा होगा?
CBI की टीम ने क्राइम सीन रिक्रिएट कर यह समझने का प्रयास किया कि वास्तव में उस दिन क्या घटा होगा?

झारखंड सरकार की अनुशंसा और हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच-1 ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी का आधार 28 जुलाई को ADJ की पत्नी कृति सिन्हा के फर्दबयान पर धनबाद सदर थाने में दर्ज FIR को बनाया गया है।

पुलिस ने हत्या की धारा में ही अज्ञात ऑटो चालक को आरोपित किया था। लिहाजा CBI ने भी अपनी प्राथमिकी में ऑटो चालकों लखन वर्मा और राहुल वर्मा को अज्ञात मानकर हत्या की धारा-302 में आरोपी बनाया है। जांच टीम में बायोलॉजी, DNA प्रोफाइलिंग, फिंगर प्रिंट्स, फोरेंसिक साइकोलॉजी और सेरोलॉजी विंग के एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।

मर्डर केस स्पेशलिस्ट हैं ASP विजय कुमार शुक्ला

जज उत्तम आनंद मौत केस के जांच अधिकारी ASP विजय कुमार शुक्ला की गिनती CBI के तेजतर्रार अफसरों में होती है। 2016 में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित शुक्ला को ब्यूरो में मर्डर केस स्पेशलिस्ट के रूप में भी माना जाता है। 2014 में UP के बदायूं में जिन दो दलित चचेरी बहनों के शव पेड़ से लटकते मिले थे और जिस पर देशभर में हंगामा हुआ था, उस केस की जांच बतौर DSP शुक्ला ने ही की थी।

शुक्ला की जांच में ही राज खुला कि दोनों बहनों में आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उनका पहले गैंगरेप हुआ और फिर हत्या कर शवों को पेड़ से लटका खुदकुशी का रूप देने का प्रयास किया गया। शुक्ला ने ही इस केस के मुख्य किंगपिन गांव के ही दबंग पप्पू यादव, उसके भाई अवधेश यादव व उर्वेश यादव समेत सहयोगी रहे सिपाही छत्रपाल सिंह व सर्वेश यादव को गिरफ्तार किया था।

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