Governor से गुहार:राज्यभर के सरकारी कॉलेजों में सेवा दे रहे घंटी आधारित शिक्षकों को घंटी शब्द से ऐतराज, कहा, हमारे साथ जोड़े गए इस शब्द को हटाएं

जमशेदपुर(पूर्वी सिंहभूम)2 महीने पहले
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राज्यपाल से मिला प्रतिनिधिमंडल - Dainik Bhaskar
राज्यपाल से मिला प्रतिनिधिमंडल

झारखंड सरकार के उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के आदेश के आलोक में राज्य भर के सरकारी विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में रिक्त पदों के विरूद्ध नियुक्ति घंटी आधारित शिक्षकों को घंटी शब्द से ऐतराज है। झारखंड विश्वविद्यालय संविदा आधारित शिक्षक संघ ने राज्यपाल सह कुलाधिपति रमेश बैस से गुहार लगाई है। इसमें मांग की गई है कि संविदा पर सेवा दे रहे शिक्षकों के नाम के साथ जुड़े घंटी शब्द को हटाया जाए।

राज्यपाल को सौंपे गए अपने मांग पत्र में शिक्षकों ने कहा है कि संविदा आधारित शिक्षकों को UGC के रेगुलेशन के अनुसार निश्चित मानदेय दिया जाए। उसकी सेवा 65 वर्ष तक के लिए सुनिश्चित की जाए। राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षकों को नियमित किया जाए। तर्क दिया गया है कि इनकी नियुक्ति स्वीकृत पद पर UGC के नियमानुसार सारे मापदंडों का पालन करते हुए पूरी की गई है। शिक्षकों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग रखी गई है।

राज्यपाल को दिया नियुक्ति का ब्यौरा, बताया, सर अवकाश में नहीं मिलता पैसा
संघ की ओर से राज्यपाल सह कुलाधिपति को घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया से अवगत कराया गया है। इसमें बताया गया कि रिक्त पदों के आलोक में उनकी नियुक्ति बकायदा कुलपति की अध्यक्षता वाली साक्षात्कार समिति ने विषय विशेषज्ञ की अनुशंसा के आधार पर की। तय किया गया था कि शिक्षकों को प्रति कक्षा छह सौ रुपये के हिसाब से माह में अधिकतम 60 कक्षा के लिए 36000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके बदले इन शिक्षकों से नियमित शिक्षकों की तरह ही सारे कार्य लिए गए। इन सबके बावजूद अवकाश की अवधि में इनका किसी तरह का भुगतान नहीं किया जाता। इससे योग्यताधारी शिक्षक नौकरी में होते हुए भी आर्थिक कठिनाईयों का सामना कर रहे हैं।

इन्होंने सौंपा मांग पत्र
झारखंड विश्वविद्यालय संविदा आधारित शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में राज्यपाल से मिला। इसमें राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय में कार्यरत 900 संविदा आधारित (घंटी आधारित) शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया। राज्यपाल ने समस्याओं पर अपनी संवेदना दिखाई ।कहा कि समस्याओं के समाधान कराने का भरसक प्रयास करेंगे। दल में डॉ. कमलेश कुमार कमलेन्दू , प्रो. बिनोद कुमार, डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ. अनामिका कुमारी आदि शामिल रहे।

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