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चिंताजनक:दिल्ली ने 46% आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाकर कोरोना की दूसरी लहर पहचानी, झारखंड में अब भी रैपिड टेस्ट के भरोसे

रांची2 वर्ष पहले
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  • सटीक मानी जाने वाली आरटीपीसीआर टेस्ट झारखंड में क्षमता से कई गुना कम
  • कम भरोसे वाली जांच पर निर्भरता हो सकता है खतरनाक

राज्य में कोरोना के कम केस भले ही राहत पहुंचाने वाले हों, लेकिन संक्रमण का पता लगाने वाली रैपिड एंटीजन टेस्ट की बढ़ती संख्या ने चिंता भी बढ़ा दी है। झारखंड में कम भरोसे वाली रैपिड एंटीजन टेस्ट का दायरा लगातार बढ़ रहा है, तो वहीं सटीक मानी जानेवाली आरटीपीसीआर टेस्ट क्षमता से कई गुना कम हो रही हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने आरटीपीसीआर बढ़ाकर कोरोना की दूसरी लहर की पहचान की है, तो वहीं झारखंड में फेस्टिव सीजन और ठंड के बाद भी आरटी-पीसीआर टेस्ट नियमित ढंग से ही किए जाएंगे। 28-29 नवंबर को राज्य के 1.40 लाख लोगों की जांच भी एंटीजन टेस्ट के सहारे किया जा रहा है।

स्पेशल ड्राइव में सिर्फ एंटीजन से ही की जा रही है जांच
राज्य में संक्रमण की स्थिति जांचने के लिए 28-29 नवंबर को स्पेशल ड्राइव चलाया जा रहा है। सभी जिलों को दो दिनो में 1.40 लाख रैपिड एंटीजन टेस्ट का लक्ष्य दिया गया है, जो बाहर से लौटे हैं या जिनका ट्रैवल हिस्ट्री है, उनकी अनिवार्य रूप से जांच करनी है। कहा गया है कि सिम्पटोमैटिक मरीजों की रैपिड एंटीजन टेस्ट में निगेटिव आने के बावजूद आरटीपीसीआर टेस्ट करना है।

रांची में ही लक्ष्य की तुलना में आरटीपीसीआर टेस्ट आधी से भी कम

रांची में रोजाना 1200 आरटीपीसीआर टेस्ट करने का लक्ष्य है, पर औसतन 500 टेस्ट ही किए जा रहे हैं। अन्य जिलों में भी यही हाल है। हेल्थ सचिव ने आरटीपीसीआर की कम जांच पर 19 सिविल सर्जनों से जवाब मांगा है।

खर्च में अंतर

एंटीजन टेस्ट में 250-500 रुपए खर्च होते हैं। रिपोर्ट आधा घंटे में आ जाती है। आरटीपीसीआर जांच में 1050 रुपए खर्च होता है। रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे लगते हैं। हालांकि, इसकी एक्यूरेसी 90% है।

कई राज्यों ने रणनीति बदली, बढ़ा रहे आरटीपीसीआर टेस्ट...

रैपिड एंटीजन जांच पर उठ रहे सवालों के मद्देनजर दिल्ली-महाराष्ट्र ने अपनी रणनीति बदली है। यहां आरटीपीसीआर जांच बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अब आरटीपीसीआर जांच करीब 46 फीसद बढ़ा है। यहां आरटीपसीआर जांच पर अधिक फोकस है। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण का पता लगाने के लिए रैपिड एंटीजन जांच (आरएटी) सस्ती है व तुरंत नतीजे मिल जाते हैं लेकिन त्रुटिपूर्ण नतीजे देने के कारण यह आरटी-पीसीआर टेस्ट की तरह भरोसेमंद नहीं है। ऐसे में, रैपिड एंटीजन जांच की भूमिका सहायक से ज्यादा नहीं हो सकती।

राज्य में हर दिन 10 हजार आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता...

राज्य में प्रतिदिन 10 हजार आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता है। पांच सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों के अलावा राज्य के निजी अस्पतालों और प्राइवेट लैब को भी आरटी-पीसीआर जांच की अनुमति दी गई है। रांची में 5 व जमशेदपुर में एक निजी अस्पताल को भी आरटीपीसीआर जांच कर रहे हैं। यहां सरकार ने जांच की दर 2400 रु. तय की है।

सभी जिलों को दिया गया है टेस्ट का लक्ष्य

राज्य में अभी स्पेशल ड्राइव एंटीजन टेस्ट के जरिए चलाया जा रहा है। राज्य में आरटी-पीसीआर टेस्ट नियमित ढंग से किए जाएंगें। जो जिले कम आरटीपीसीआर टेस्ट कर रहे हैं उनसे कारण पूछा जा रहा है। राज्य में सभी प्रकार के टेस्ट के पर्याप्त किट उपलब्ध हैं।
रवि शंकर शुक्ला, एमडी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड

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