पलामू में 7 माह बाद युवती के हत्यारे गिरफ्तार:बहनों ने प्रेमियों के साथ मिलकर कराई थी हत्या, जबरन कराती थी छोटी बहन से देह व्यापार

पलामू3 महीने पहले
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गिरफ्तार हत्या आरोपियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करती पुलिस। - Dainik Bhaskar
गिरफ्तार हत्या आरोपियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करती पुलिस।

शहर थानाक्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी में 7 माह पूर्व युवती की हत्या मामले में पुलिस ने हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सदर एसडीपीओ के विजय शंकर ने बताया कि मृतका की दो बड़ी बहनों ने ही अपने प्रेमियों के साथ मिलकर उसकी हत्या करवाई थी।

बहन, जीजा और बहन का आशिक गिरफ्तार
सात महीने पहले शहर थानाक्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी में सत्संग मन्दिर के पीछे सोनार बांध के पास एक अज्ञात युवती का दफनाया पुलिस ने बरामद किया था। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया था। चार दिन बाद युवती की पहचान सन्तोषी कुमारी (17) पिता स्व प्रेमचंद चन्द्रवंशी के रूप में हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतका के बहन,जीजा और बहन के आशिक को हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आने वालों में मृतका की दो बड़ी बहन राखी देवी(30), रूपा देवी(25), रूपा का पति धनंजय अग्रवाल उर्फ नन्हकू(30) और हमीदगंज का रहने वाला प्रताप कुमार सिंह उर्फ कारू शामिल है। एक अपराधी हमीदगंज का नीतीश फरार है।

पुलिस पहले इसे आत्महत्या का मामला मान रही थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को बदल दिया। पुलिस को शव सड़े-गले हाल में मिला था। जिस कारण इसका पोस्टमार्टम एमएमसीएच में न होकर रिम्स में हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के सिर में चोट लगने की बात कही गई है। जबकि जब शव का पहचान जब किया गया था। उसकी बहनों ने फांसी लगाने की बात कही थी। 21 मार्च को उसकी हत्या कर शव को जमीन में गाड़ दिया गया था। 26 मार्च को शव का पैर बाहर दिखने पर पुलिस को जानकारी हुई और 30 मार्च को मृतका की बहन रम्भा ने थाना पहुंच कर पुलिस को उसकी पहचान बताई थी।

बहन और जीजा कराते थे वैश्यावृत्ति
रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सदर एसडीपीओ के विजय शंकर ने बताया कि मृतका सन्तोषी पांच बहनों में चौथे नंबर पर है। इसके माता-पिता का निधन हो चुका है। सन्तोषी बड़ी बहन राखी के साथ सुदना में रहती थी। राखी देह व्यापार करती है। इस काम में उसका साथ बहन रूपा का पति धनंजय देता है। राखी और धनंजय मृतका से जबरदस्ती देह व्यापार कराते थे। उसे ग्राहकों के पास बगैर उसके मर्जी के भेजते थे। मृतका का एक लड़के के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और वह उससे शादी करना चाहती थी। यह बात बहन राखी को पसंद नहीं थी। इसी को लेकर राखी ने अपने दो आशिकों की मदद से उसकी हत्या करा दी। प्रताप और नितेश ने दुष्कर्म के बाद सन्तोषी की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया। राखी जब आई तो देखा कि बहन मर गई है। उसने अपनी बहन रूपा और उसके पति धनंजय को बुलाया। धनंजय ने अपने एक परिचित टेम्पू वाले को बुला लिया और पांचों ने शव को लेकर हाउसिंग कॉलोनी में शव को दफना दिया था।

अपराधियों के गिरफ्तारी में एसडीपीओ के विजय शंकर,थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरूण कुमार महथा, पुअनि अमित कुमार सिंह, पुजा विभूति और वरूण शर्मा शामिल थे।

मामले को सुलझाने में मृतका की तीसरी बहन ने की मदद
इस पूरे मामले को सुलझाने में मृतका सन्तोषी की तीसरी बहन रम्भा ने पुलिस की मदद की है। जब पुलिस सड़े-गले शव की पहचान नहीं कर पा रही थी। तब शव मिलने के चार दिन बाद रंभा थाना पहुंची थी। और पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। रंभा को दोनों बहन राखी और रूपा ने बताया था कि संतोषी ने आत्महत्या कर ली है। रम्भा उसके अंतिम क्रियाकर्म के लिए अड़ी हुई थी। जबकि उसकी दोनों बहनें क्रियाकर्म नहीं करना चाहते थे। इसी को लेकर विवाद हुआ तब रंभा थाना पहुंच मामले की जानकारी पुलिस को दी

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