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विरोधियों पर बरसे हेमंत सोरेन:सीएम ने कहा, विपक्ष के अनुरोध पर चल रही है जांच, लड़ेंगे जीतेंगे

3 महीने पहले
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हेमंत सोरेन ने कहा, घबराने की जरूरत नहीं है - Dainik Bhaskar
हेमंत सोरेन ने कहा, घबराने की जरूरत नहीं है

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कल ईडी के समक्ष पेश होंगे या नहीं ? मुख्यमंत्री कार्यालय ने 15 नवंबर तक का शेड्यूल जारी कर दिया है। कल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रायपुर में होगे। आज मुख्मयंत्री ,साहिबगंज में आपकी योजना - आपकी सरकार - आपके द्वार कार्यक्रम विरोधियों पर जमकर बरसे।

साहिबगंग से “आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम में सीएम
साहिबगंग से “आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम में सीएम

मंच से मुख्यमंत्री ने ईडी का जिक्र करते हुए कहा, विपक्ष के अनुरोध पर ईडी का जांच चल रही है, हमें भी बुलाया गया है। हम इससे घबराते नहीं है, हमें यह बताया गया कि देखों ईडी कितना पावरफुल है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी को बुला सकते हैं, तो मुख्यमंत्री को भी बुला सकते हैं। इससे हमारी पहचान और छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है- अगर उनके ये करने से हो गया तब तो कहानी खत्म। विरोधियों की तरफ इशारा करते हुए सीएम ने कहा, अगर राजनीतिक रूप से नहीं सके तो इस तरह प्रयास कर रहे हैं।

लिफाफे में एटम बम लेकर घूम रहे हैं राज्यपाल

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्यपाल एटम बम का लिफाफा लेकर घूमते हैं, बम तो नहीं फोड़ते लेकिन मुंह से बोलते हैं। इस राज्य में हर एक बच्चा, बुजुर्ग जवाब देगा, विधवा महिला जवाब देगी। उन्होंने कहा, आपके आशीर्वाद से यह सरकार बनी है, आगे भी आपका आशीर्वाद रहा तो खेत में 12 महीने पानी रहेगा इसकी भी कोशिश होगी।

केंद्र की वजह से ठहर जाती है योजनाएं

हमारे राज्य में बहुत सारी योजनाओं वन विभाग के कारण ठहर जाती है। सात से आठ लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति नहीं मिली है। हमने चिट्ठी लिखी है। इस तरह कई चीजों मे देरी हो जाती है। मुख्मयंत्री ने कहा आपने एकलव्य के विषय में पढ़ा होगा उसके गुरू ने उससे अंगूठा मांग लिया। हर जंग लड़ेंगे हर जंग जीतेंगे। हमारे पूर्वजों का असर हम पर रहेगा ही, आदिवासियों को कितना सम्मान मिला हम देख रहे हैं। हमारी पहली सरकार थी जिसने दो दिनों का आदिवासी दिवस मनाया है। आदिवासी दिवस में भारत सरकार के मंत्रालय ने शुभकामनाएं तक नहीं दी।

विरोधियों पर बरसे मुख्यमंत्री

हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, विपक्ष में अनंत ओझा जैसे व्यक्ति नहीं है। यह पहले व्यक्ति हैं जो विकास में सरकार का हाथ बटाते हैं आज कोई भी विपक्ष के साथी योजनाओं में हिस्सा नहीं बन रहे हैं। सरकार जहां कार्यक्रम करती है किसी औऱ जगह जाकर हमारे विरोधी प्रदर्शन करते हैं। तरह - तरह के षड़यंत्र रहते हैं, क्या गरीब को राहत पहुंचाना अत्याचार है। मुख्यमंत्री को विकास के काम से रोकने की कोशिश की जा रही है इसका भी माकूल जवाब मिलेगा। जबतक सरकार को जनमानस का समर्थन हो सरकार को घबराने की जरूरत नहीं है। आज हमारे पीछे षड़यंत्र का एक ही उद्देश्य है कि अल्पसंख्यक आदिवासी राज्य चला रहा है।

सरकार की योजनाएं रफ्तार पकड़ रही है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए सभी लोगों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के नाम से ही पता चलता है कि सरकार क्या करना चाहती है। कार्यक्रम की शुरूआत को अभी 15 से 16 दिन हुए हैं। बीच में त्योहार आ गये इसलिए रोकना पड़ा। अब एक बार फिर कार्यक्रम अपनी रफ्तार पकड़ रहा है। सरकार ने इस कार्यक्रम को मिशन मोड में लिया है। गांव- गांव में शिविर लगाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, आपको याद होगा पिछले साल भी हम लोगों ने एक कार्यक्रम प्रारंभ किया था। आपकी सरकार आपके द्वारा कार्यक्रम सफल रहा था 35 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे कई शिकायतें थीं हमने 99 प्रतिशत शिकायतों को दूर करने की कोशिश की। झारखंड की जो बनावट है, यहां के जो गांव हैं वो कई जगहों पर हैं, कई जगहों पर पदाधिकारी जानें से घबराते थे। कई जगहों पर सरकार की नजर सरकार की आवाज नहीं जाती थी। सरकार अब सबसे अंतिम में खड़े व्यक्ति तक पहुंचेगी इस संकल्प से कार्यक्रम की शुरूआत की।

इस कार्यक्रम की सफलता का जिक्र करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा, समस्या इतनी है कि 35 लाख 40 लाख आवेदन आ रहे हैं। 20 सालों में कोई काम नहीं हुआ। राज्य के लोगों का सरकारी व्यस्था पर विश्वास टूट चुका था। इसके कई कारण है, आज उसी विश्वास को पुन: खड़ा करने का काम कर रहे हैं। आज कई गांव पंचायत में उल्लास का माहौल है। हर जगह शिविर लग रहे हैं। अपनी समस्या बताते हैं, ऑन द स्पाट फैसला लिया जाता है।

सरकारी अधिकारी भी गांव में
इस कार्यक्रम में सिर्फ मंत्री और नेता आपके बीच नहीं है। हमारे सभी अधिकारी आपके बीच पहुंच रहे हैं। योजना कैसी चल रही है, लोग जागरुक हैं या नहीं। हम यही देखने आये हैं। मुख्य सचिव, सभी विभागों के सचिव अलग- अलग जिलों में जाकर काम कर रहे हैं। ऐसा उत्साह आपने कभी नहीं देखा होगा। इन 15 दिनों के अंदर 21 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन 21 लाख में ज्यादातर समस्याओं का हल निकाल लिया गया है। सरकार आपके द्वार का दूसरा चरण सावित्री बाई फूले योजना में 9 लाख का लक्ष्य रखा है। ढ़़ाई लाख आवेदन आ चुके जिसमें एक लाख 25 हजार का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है।

पेंशन के लिए तय सीमा नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा, बुढ़े बुजुर्ग पेंशन के लिए भटकते थे, दलालों के चक्कर में फंसे रहते थे। हमने कानून ही ऐसा बना दिया कि अब जो 60 साल का होगा उसको पेंशन मिलेगा आप ब्लॉक पहुंच जाएं। पहले सीमा तय थी हमने वो सारी सीमाएं तोड़ दी है। सभी को पेंशन देने का कानून बना दिया है। देश में यह पहला राज्य है जिसमें सभी को पेंशन मिलता है। यहां की गरीबी यहां के पिछड़ापन को मैंने करीब से देखा है। राज्य अलग होने के 20 साल कैसे कटे यह चिंता का विषय है। हमारी सरकार बनते ही कोरोना संक्रमण आ गया। सब बंद लेकिन हम अपने मजदूरों को घर लेकर आये। हमारा राज्य स्थिर रहा।

मजदूरों के लिए ऐसी महामारी अभिशाप होती है, घर रहेगा तो भूखों मरेगा बाहर जायेगा तो बीमारी से मरेगा। हमारी माताओं बहनों ने दाल भात योजना के तहत काम किया कोई गरीब भूखों नहीं मरा। पहले की सरकार में तो राशन कार्ड लेकर भी लोग मर रहे थे। अब जब राज्य कोरोना से बाहर निकल रहा है तो सूखा आ गया। 20 सालों में खेतों तक पानी नहीं पहुंचा। यह चिंता का विषय है। हमने 22 जिले 226 प्रखंड को सुखाड़ घोषित किया है और किसानों को तुरंत राहत देने का निर्णय लिया है। उन किसानों के चयन के लिए शिविर लगेगा उन्हें राहत दी जायेगी।

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