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जीते जी नहीं मिल पाए, मरकर एक-दूजे के हुए:घरवाले नहीं माने तो की खुदकुशी; मरने के बाद पसीजा दिल तो कराई शव की शादी

घाटशिला3 महीने पहले

झारखंड में मरने के बाद प्रेमी जोड़े की शादी करवाई गई। लड़के की लाश से लड़की के शव की मांग भरवाई गई। दोनों को एक ही चिता पर इस दुनिया से रुखसत किया गया। कहानी पूर्वी सिंहभूम जिले के आदिवासी क्षेत्र घाटशिला की है। लक्ष्मण सोरेन (20) और सलमा किस्कू (17) दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। इस रिश्ते से दोनों के घरवालों को ऐतराज था। इसके चलते दोनों ने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी। मरने के बाद घरवालों का दिल पसीजा और उनके शवों के साथ शादी की रस्म पूरी करवाई।

लक्ष्मण कश्मीर में काम करता था और 10 दिन पहले ही घर लौटा था। वहीं, सलमा 9वीं की छात्रा थी। गुरुवार की सुबह वह परीक्षा देने की बात कहकर स्कूल निकली थी। रविवार को दोनों ने रेलवे पटरी पर जान दे दी।

लाश का किया सिंदूरदान, साथ में अंतिम संस्कार
मरने के बाद शवों के बीच पूरे विधि-विधान से विवाह हुआ। लड़के की लाश से लड़की की लाश का सिंदूरदान कराया गया। इसके बाद एक साथ एक चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। दरअसल, नरसिंहगढ़ पंचायत के रहने वाले लक्ष्मण सोरेन और सलमा किस्कू एक-दूसरे प्यार करते थे। रिश्ते में दोनों भाई-बहन लगते थे। एक मामा की बेटी दूसरा बुआ का लड़का। लिहाजा दोनों परिवारों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। समाज इस रिश्ते की अनुमति नहीं दे रहा था। दोनों पक्षों ने लड़की और लड़के पर रिश्ता तोड़ने का दबाव बनाया।

बच्चों की मौत से दुखी दोनों परिवारों ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। मौत के बाद दोनों परिवारों ने शवों के बीच आदिवासी रीति-रिवाज से शादी करा दी। चिता पर जाने से पहले विधिवत तरीके से वैवाहिक रस्म पूरी की गई। सिंदूरदान तक हुआ।

रविवार शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शव गांव लाए गए। उसी दौरान अंतिम संस्कार को लेकर दोनों पक्षों के बीच आपस में बैठक हुई। बैठक कई घंटे तक चली। आखिरकार सहमति बनी कि इस जोड़ों का विवाह करा दिया जाए। सलमा के पिता मेघराय किस्कू, लक्ष्मण के पिता माघा सोरेन और वहां के ग्राम प्रधानों के बीच इस पर आमराय बनी कि लड़का पक्ष बेटी को बहू के रूप में स्वीकार करेगा। विवाह के बाद अंतिम संस्कार किया जाए।

इसके बाद माघा सोरेन ने दोनों शवों का आदिवासी परंपरा और विधि विधान से विवाह कराया। फिर चार चक्का मौजा में एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। यह भी तय हुआ कि श्राद्ध का खर्च दोनों पक्ष उठाएंगे। अंतिम संस्कार के पहले मृतक युवक लक्ष्मण सोरेन के हाथों से मृतका सलमा कीस्कू के मांग में सिंदूर भरवाया गया। इसके बाद दोनों की लाश को युवक के पिता ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के बाद यह तय हुआ कि लड़की और लड़के पिता व परिवार वाले भविष्य में इस घटना को लेकर किसी प्रकार का आरोप-प्रत्यारोप नहीं करेंगे।