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रिसर्च का रास्ता साफ:KU मे पेड़-पौधों से लेकर मनुष्यों तक पर शोध की निगरानी के लिए IEC का गठन, VC होंगे चेयरमैन, विश्वविद्यालय ने जारी की अधिसूचना

जमशेदपुर12 दिन पहले
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कोल्हान विवि का प्रशासनिक भवन। - Dainik Bhaskar
कोल्हान विवि का प्रशासनिक भवन।

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय(KU) में पेड़-पौधों से लेकर पशुओं व मनुष्यों तक पर शोध का रास्ता साफ हो गया है। शोध के हानिकारक प्रभाव का पूर्वानुमान लगाने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर संस्थागत नैतिक समिति (IEC) का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में निर्णय के आधार पर विश्वविद्यालय की ओर से नई कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। कमेटी में कुल 10 सदस्य होंगे। कुलपति(VC) इसके चेयरमैन होंगे। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ पीके पाणि ने इसकी पुष्टि की।

कुलपति डॉ. गंगाधर पंडा।
कुलपति डॉ. गंगाधर पंडा।

ये काम करेगी कमेटी
विश्वविद्यालय से संबद्ध मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज से लेकर जुलॉजी, बॉटनी तक के पीजी डिपार्टमेंट के अंतर्गत होने वाले शोध कार्यों में नमूने के तौर पर पेड़-पौधों से लेकर पशुओं व मनुष्यों पर प्रभाव का मूल्यांकन होता है। ऐसे में इसकी पूर्वानुमति प्राप्त करने के लिए शोध प्रस्ताव पहले काउंसिल के विचार के लिए भेजा जाएगा। काउंसिल यह सुनिश्चित करेगी कि संबंधित शोध कार्य से पौधे,पशु अथवा मनुष्य पर किसी तरह के हानिकारक प्रभाव का कोई खतरा नहीं है। इसके बाद ही संबंधित कमेटी शोध करने वाले व्यक्ति को इसकी अनुमति प्रदान करेगी। शोध से पहले यह बताना होगा कि इसके नमूने किस तरह जुटाए जा रहे हैं। इसकी सुरक्षा कैसे कायम रखी जाएगी।

ये हैं कमेटी में
कुलपति, डीन साइंस, डीन मेडिसीन, हेड बॉटनी, प्रिंसिपल, डेंटल, एक्सपर्ट बॉटनी, दो एक्सपर्ट जुलॉजी, मेडिकल ऑफिसर, हेड जुलॉजी।

अब तक ये थी व्यवस्था
कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित होने वाले एमजीएम मेडिकल कॉलेज तथा अवध डेंटल कॉलेज में मनुष्य आधारित शोध कार्य का आंकलन करने के लिए कॉलेज स्तर पर अलग-अलग्र नैतिक समिति गठित की गई थी। इसका मूल्यांकन करने के बाद विश्वविद्यालय ने तय किया कि यह कमेटी यूनिवर्सिटी लेबल पर गठित की जानी चाहिए। लिहाजा शैक्षणिक परिषद की मंजूरी के बाद इसका गठन कर दिया गया।

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