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झारखंड में बेकाबू होता कोरोना:पिछले 24 घंटे में मिले 8,075 नए पॉजिटिव मरीज, 149 संक्रमितों की मौत; एक्टिव केस पहुंचे 54 हजार के पार

रांची/धनबाद/जमशेदपुर6 महीने पहले
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सिमडेगा के कोलेबिरा प्रखंड में लोगों की कोरोना की जांच की गई। - Dainik Bhaskar
सिमडेगा के कोलेबिरा प्रखंड में लोगों की कोरोना की जांच की गई।

झारखंड में कोरोना संक्रमण एक बार फिर बेकाबू होता दिख रहा है। पिछले 24 घंटे में विभिन्न जिलों में 8,075 नए पॉजिटिव मरीज की पहचान की गई। वहीं, 149 मरीजों की मौत भी हुई। सबसे ज्यादा मृतकों की संख्या 46 रांची में है। अब एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 54,816 तक जा पहुंची है। बुधवार को सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज 1,771 रांची से मिले।

कहां मिले कितने मरीज
बोकारो से 317, चतरा से 289, देवघर से 321, धनबाद से 218, दुमका से 113, पूर्वी सिंहभूम से 852, गढ़वा से 153, गिरिडीह से 163, गोड्‌डा से 152, गुमला से 351, हजारीबाग से 582, जामताड़ा से 222, खूंटी से 138, कोडरमा से 364, लातेहार से 259, लोहरदगा से 478, पाकुड़ से 10, पलामू से 367, रामगढ़ से 353, रांची से 1771, साहेबगंज से 48, सरायकेला से 121, सिमडेगा से 171, पश्चिमी सिंहभूम से 262

बिना बेड तड़प रहे मरीज, मगर 18 वेंटिलेटरों का अब तक इस्तेमाल ही नहीं हुआ
वहीं, राज्य सरकार ने महामारी से निबटने के लिए सदर अस्पताल को कोविड अस्पताल बना दिया है। यहां कोरोना के गंभीर रोगियों का इलाज चल रहा है। पर यहां लगे मेनिफॉल्ड में 20 से ज्यादा वेंटिलेटर को ऑक्सीजन सप्लाई करने की क्षमता नहीं है, इस कारण 18 वेंटिलेटर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इनमें से बिना इस्तेमाल आधा दर्जन से ज्यादा वेंटिलेटर खराब हो गए। अस्पताल प्रबंधन ने बुधवार को इन्हें मरम्मत के लिए भेजा। सदर अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर तो हैं, लेकिन चलाने वाला एक भी एक्सपर्ट डॉक्टर नहीं है। मेडिसिन के डॉक्टर अपनी समझ के अनुसार पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर ऑपरेट कर रहे हैं।

राज्य के कॉल सेंटर से मजदूरों का एक ही सवाल, लौटने पर काम मिलेगा या नहीं
इधर, राज्य में प्रवासी मजदूराें के लाैटने काे लेकर श्रम विभाग का राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष प्रारंभ हाे चुका है। नियंत्रण कक्ष में दूसरे राज्याें में रहने वाले झारखंड के मजदूराें के फाेन आना शुरू हाे चुको हैं। सबसे ज्यादा यहां लौटने के बाद काम मिलेगा या नहीं इसकी जानकारी मांगी जा रही है। यह भी पूछा जा रहा है कि अगर संपूर्ण लाॅकडाउन हाे गया, ताे उनकी वापसी के क्या रास्ते होंगे और पिछली बार राज्य सरकार ने वापसी के लिए उनकी जाे मदद की थी, वह फिर मिल पाएगी या नहीं। जाे लाेग महानगरों में रह रहे हैं, वे यह जानना चाहते हैं कि अगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बंद हाे गया और लाॅकडाउन लंबे समय के लिए लग गया, तब झारखंड सरकार उनकी वापसी और वहां काम देने में क्या मदद कर पाएगी। प्रवासी मजदूर यह भी पूछ रहे हैं कि अभी ट्रेनाें में काफी भीड़ चल रही है। ऐसे में उनका ट्रेन से आना उचित हाेगा या नहीं।

धनबाद के केंदु में गोधर कुर्मीडीह बस्ती में गरीबी में जीवन यापन कर रही महिला सोमरी देवी की मंगलवार की रात माैत हो गई। पर कोरोना के भय के कारण महिला की लाश काफी देर तक पड़ी रह गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचित किया। बाद में PPE किट से लैस मेडिकल टीम पहुंची व शव का स्थानीय लोगों के सहयोग से दाह संस्कार करवाया।
धनबाद के केंदु में गोधर कुर्मीडीह बस्ती में गरीबी में जीवन यापन कर रही महिला सोमरी देवी की मंगलवार की रात माैत हो गई। पर कोरोना के भय के कारण महिला की लाश काफी देर तक पड़ी रह गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचित किया। बाद में PPE किट से लैस मेडिकल टीम पहुंची व शव का स्थानीय लोगों के सहयोग से दाह संस्कार करवाया।

ऑक्सीजन लेवल में सुधार हुआ तो ICU वार्ड में नहीं रहेंगे मरीज
वहीं, धनबाद में कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को ICU बेड उपलब्ध कराने काे लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने बुधवार काे महत्वपूर्ण निर्णय लिया। प्राधिकार के अध्यक्ष सह धनबाद डीसी उमा शंकर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कोविड कंट्रोल रूम में जाे सूचनाएं आ रही हैं, उसके अनुसार कई मरीज, जिनका ऑक्सीजन लेवल 60-65 पहुंच गया है, उन्हें समय पर ICU बेड उपलब्ध नहीं हाे पा रहे हैं। वहीं, यह बात भी सामने आई कि ICU में इलाजरत कई मरीज स्टेबल होने के बाद भी ICU बेड नहीं छाेड़ना चाहते और इसके लिए अस्पताल प्रबंधन काे पैरवी व धाैंस दे रहे हैं। इस कारण गंभीर मरीजों को समय पर ICU बेड उपलब्ध नहीं हाे पा रहा है। डाटा का विश्लेषण के बाद प्राधिकार ने निर्णय लिया है कि जिले के सभी सरकारी व निजी काेविड हाॅस्पिटलों, काे निर्देश दिया गया है कि ICU वार्ड में भर्ती सभी मरीजाें का प्रत्येक दिन वाइटल्स की जांच करें। अगर उनकी स्थिति स्टेबल है और ICU वार्ड से ऑक्सीजन सपाेर्टेड बेड में शिफ्ट करने के याेग्य हैं ताे उन्हें ओटू सपाेर्टेड बेड में रेफर करें।

जमशेदपुर में राजस्थान सेवा सदन बनेगा कोविड अस्पताल, अभी 10 बेड हुए तैयार
जुगसलाई स्थित राजस्थान सेवा सदन को कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। सरकार ने पिछले दिनों आदेश जारी कर निजी अस्पताल को कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में भागीदारी की बात कही थी। इसके बाद DC सूरज कुमार ने शहर के निजी अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक की थी। बैठक के दौरान DC ने राजस्थान सेवा सदन प्रबंधन के महासचिव राजेश रिंगसिया को कम से कम 10 ऑक्सीजन बेड की इंतजाम करने को कहा था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने 10 ऑक्सीजन बेड का इंतजाम करने के बाद DC को जानकारी दी। DC के आदेश पर ADM (लॉ एंड ऑर्डर) नंद किशोर लाल ने बुधवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। राजेश रिंगसिया ने बताया- अस्पताल भवन की पहली मंजिल पर ऑक्सीजन-युक्त 30 बेड का इंतजाम किया जा रहा है, पर अस्पताल के पास डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी है। अस्पताल प्रबंधन अपने स्तर से डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था का प्रयास कर रहा है, पर अभी तक इसका नतीजा सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ का इंतजाम करने का भरोसा दिया गया है।