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CRPF के असिस्टेंट कमांडर का शव पहुंचा रांची:सुरक्षा बलों ने पार्थिव शरीर को दी सलामी, मुहल्ले में उमड़ा जनसैलाब, लगे नारे

रांची9 महीने पहले
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जवान का पार्थिव शरीर। - Dainik Bhaskar
जवान का पार्थिव शरीर।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट शांति भूषण तिर्की का शव रविवार की सुबह रांची पहुंचा। रांची पहुंचने पर शहीद के पार्थिव शरीर को सुरक्षा बलों की ओर से सलामी दी गई। इस दौरान शहीद के परिजन भी मौजूद रहे। सलामी के बाद शव को रांची के डिबडीह के लिए रवाना किया गया। इस दौरान शहीद के सम्मान में पूरा मुहल्ला उमड़ा हुआ था। गाड़ियों के काफिले के साथ शव वाहन ने जैसे ही मुहल्ले में प्रवेश किया, लोग भारत माता की जय, शहीद शांति अमर रहें के नारे लगाए।

सलामी देते राज्यपाल और मुख्यमंत्री साथ में मौजूद मुख्य सचिव
सलामी देते राज्यपाल और मुख्यमंत्री साथ में मौजूद मुख्य सचिव

इससे पहले जवान के शव को हवाई मार्ग के जरिए छत्तीसगढ़ से झारखंड लाया गया। शव तिरंगे में लिपटा हुआ था। शव को देखकर परिवार के लोगों का धैर्य जवान दे गया। पत्नी, बच्चों से लेकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंख में आंसू थे। शांति भूषण का परिवार रांची में ही रहता है। वह मूलरूप से सिमडेगा जिले के रहने वाले थे। उनका जन्म सिमडेगा के बोलबा प्रखंड के कसीरा गोबरीगढा गांव हुआ था। उन्होंने 25 फरवरी 2003 को CRPF 168वीं बटालियन में योगदान दिया था।

गांव में शांति भूषण तिर्की का पुराना घर है। शांति भूषण तिर्की के पिताजी का नाम स्टीफन तिर्की था। वह भी फौज थे। उन्होंने BSF में अपनी सेवाएं दी थीं। माता का नाम ग्रेस बारला था। शांति भूषण तिर्की की पत्नी का नाम पुष्पा मंजुला मिंज है। वह बेहरीनबासा के रहने वाली हैं। शांति भूषण तिर्की के दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा अनिकेत तिर्की पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। छोटी बेटी ऐनी अनीशा तिर्की दो वर्ष की है।

मुहल्ले में पहुंचा शव
मुहल्ले में पहुंचा शव

सेना के हेलीकॉप्टर से पहुंचा शव
सेना के हेलीकॉप्टर से सुबह 9.45 बजे शहीद के शव को रांची एयरपोर्ट पर उतारा गया। एयरपोर्ट से पार्थिव शरीर को CRPF के फूलों से सजे वाहन में रखकर 133 वीं बटालियन के कैंप में पहुंचाया गयर। जवानों के द्वारा मातमी धुन बजाकर और शस्त्र उल्टा कर शहीद जवान को सलामी दी। शहीद जवान शांति भूषण तिर्की के परिजनों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

इस दौरान राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ,मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ,मुख्यमंत्री के सचिव राजीव अरुण एक्का, DGP नीरज सिन्हा, ADGP संजय आनंद लाठकर ,IG पंकज कंबोज, IG अमोल वी होमकर, SSP रांची सुरेंद्र झा, सिटी SP सौरभ, CRPF के DG राजीव सिंह, IG उषा किरण कांडुलना, DIG बिशन स्वरूप शर्मा,सहित अन्य गणमान्य लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।

मौक पर मौजूद परिजन।
मौक पर मौजूद परिजन।

राज्यपाल ने परिवार को दी सांत्वना
राज्यपाल रमेश बैस ने शहीद के परिजनों को छत्तीसगढ़ एवं झारखंड सरकार के द्वारा मुआवजा सहित सभी प्रकार का सहयोग देने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश की रक्षा के लिए शहीद शांति भूषण तिर्की के बलिदान को कभी भूलाया नहीं जा सकेगा। पूरा राज्य सहित शहीद के परिवार के साथ है। नक्सलियों की ऐसी कायराना हरकतों से जवानों का मनोबल कभी कम नहीं होगा बल्कि जवान और भी मजबूती से ऐसे तत्वों से मुकाबले के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

पीड़ित परिवार से वार्ता करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
पीड़ित परिवार से वार्ता करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

शहीद की अंतिम यात्रा : मिनट टू मिनट
7 35 बजे में छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से शहीद का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से रांची के लिए उड़ा
9.45 बजे में शहीद का पार्थिव शरीर लेकर रांची एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर पहुंचा
10:15 बजे फूलों से सजे वाहन में शव को रखकर नारे लगाते हुए CRPF की 133 वीं बटालियन कैंप के लिए रवाना
10. 29 बजे शहीद की शव यात्रा हिनू चौक पहुंची
10:35 बजे में शहीद की शव यात्रा बिरसा चौक पहुंची
10:39 बजे शहीद जवान का पार्थिव शरीर 133 वीं बटालियन के मुख्यालय में
10: 48 बजे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 133 वीं बटालियन के कैंप में पहुंचे। परिजनों से बातचीत कर सांत्वना दी।
11:25 बजे राज्यपाल रमेश बैस CRPF कैप पहुंचकर शहीद के शव पर पुष्प चक्र अर्पित किया
11:30 बजे शहीद जवान के परिजनों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राज्य के आल अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि देते राज्यपाल रमेश बैस
श्रद्धांजलि देते राज्यपाल रमेश बैस

पिता के शव से लिपट गए बच्चे
पिता के शव को देखकर बच्चे बेहाल हो गए थे। वह ताबूत के ऊपर लिपट गए। पत्नी कई बार बेहोश हो गईं। परिवार व आसपास के लोगों ने उन्हें सांत्वना दी। हिम्मत से काम लेने का हौसला दिलाया। परिवार के लोगों ने बताया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रविवार को ही पूरी कर ली जाएगी।

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