गिरिडीह पुलिस ने रोकी मॉब लिंचिंग:विक्षिप्त महिला दूसरी औरत का बच्चा लेकर हो गई फरार, ग्रामीणों ने घेरा,उप मुखिया व SDPO ने उग्र भीड़ को संभाला

गिरिडीह6 महीने पहले
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बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ी गई विक्षिप्त महिला। - Dainik Bhaskar
बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ी गई विक्षिप्त महिला।

झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई। जिले के घोड्थम्भा ओपी क्षेत्र के डोरंडा-गावां मुख्यमार्ग स्थित जमुनिया आहार के पास उग्र ग्रामीणों ने बच्चा चोरी करने के आरोप में एक महिला को घेर लिया। उग्र भीड़ ने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली। एसडीपीओ व उप मुखिया मौके पर पहुंचे। उग्र भीड़ को संभाला। मॉब लिंचिंग की घटना को रोक दिया। घटनास्थल पर ग्रामीण पारंपरिक हथियारों के साथ महिला को चारो तरफ से घेर कर खड़े थे। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझाकर महिला को अपनी जीप में बाहर निकाला। जांच में पता चला कि भीड़ की हिंसा का शिकार होने से बची महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है। वह दूसरी महिला का दो माह का बच्चा लेकर फरार हो गई थी। पूछताछ में दावा कर रही थी कि वह उसका बच्चा है। चिकित्सकीय जांच व मामले की पड़ताल करने के बाद मामला स्पष्ट हो सका।

महिला के पास से बरामद किया गया बच्चा
महिला के पास से बरामद किया गया बच्चा

कुछ ऐसे हुई घटना
घटना के संबंध में पता चला कि बीते रविवार को तीसरी थाना क्षेत्र के हथियागढ़ निवासी सहदेव बेसरा पिता जीतन बेसरा के घर सुबह करीब नौ बजे एक महिला पहुंची। महिला ने बताया कि उसने कई दिनों से कुछ नहीं खाया है। सहदेव की पत्नी सुषमा हेम्ब्रम ने महिला को भोजन कराया। महिला घर पर ही आराम कर रही थी। इस बीच सहदेव की पत्नी कुएं से पानी लाने चली गई। घर में बिस्तर पर सहदेव का दो माह का बच्चा सोया हुआ था। सहदेव की पत्नी जब पानी लेकर घर लौटी तो देखा कि उसका बच्चा और महिला दोनों गायब हैं। थोड़ी देर में बच्चा चोरी की खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने बच्चे की खोज शुरू कर दी।

अपना बच्चा चोरी होने के बाद परेशान हो गई मां
अपना बच्चा चोरी होने के बाद परेशान हो गई मां

इस बीच सूचना मिली की तीसरी थाना क्षेत्र के ही किशुटांड गांव में एक महिला को बच्चे के साथ जाते देखा गया है। देर रात करीब आठ बजे महिला को घोड्थम्भा ओपी क्षेत्र के डोरंडा जमुनिया आहार के पास ग्रामीणों ने घेर लिया। इसके बाद लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसकी सूचना उप मुखिया नरेश यादव ने पुलिस को दी। इस बीच कई गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। हालात बिगड़ने लगे। घटनास्थल पर पहुंचे SDPO मुकेश कुमार महतो,OP प्रभारी रौशन कुमार ने देखा की भीड़ ने महिला को बंधक बनाया हुआ है। इसके बाद भारी पुलिस बल मंगाया गया। उग्र लोगों को समझाने का काम शुरू हुआ। किसी तरह हालात को नियंत्रित करते हुए बच्चा चोरी की आरोपी महिला को बाहर निकाला गया।

मेडिकल जांच से हुआ सच्चाई का खुलासा
बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ी गई महिला पुलिस के समक्ष दावा कर रही थी कि वह उसका ही बच्चा है। मेडिकल जांच के बाद यह स्पष्ट हो सका कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है। वह मां भी नहीं बन सकती। जांच में आरोपी महिला की पहचान बासोडीह निवासी अजित यादव की पत्नी माधवी देवी के रूप में हुई। पुलिस ने उसके परिवार वालों को बुलाकर पूछताछ की। घटना की जानकारी दी। परिवार के लोगों ने बताया कि महिला के पति की असमय मृत्यु हो गई। दूसरे पति ने उसे छोड़ दिया। इस कारण इसकी मानसिक हालात बिगड़ गई। यह दूसरे के बच्चे को अपना बच्चा समझती है। इसका अपना कोई बच्चा नहीं है।

पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी
घोड्थम्भा ओपी क्षेत्र में बच्चा चोरी का मामला सामने आया था। ग्रामीणों ने एक महिला को पकड़ा था। पुलिस ने सही समय पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित कर लिया। बच्चा जिस महिला का था। उसके सुपूर्द कर दिया गया।
अमित रेणु, SP, गिरीडीह

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