झारखंड:राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को हूबहू नहीं लागू करेगी, शिक्षा मंत्री बोले- मंत्रिमंडलीय उप समिति करेगी समीक्षा

रांची2 वर्ष पहले
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस विषय पर उनकी मुख्यमंत्री से बात हुई है। कई बिंदु हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है। शीघ्र ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी। -फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस विषय पर उनकी मुख्यमंत्री से बात हुई है। कई बिंदु हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है। शीघ्र ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी। -फाइल फोटो।
  • जगरनाथ महतो ने कहा- 65000 पारा शिक्षकों को हटाने के बाद राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बहाल रख पाना होगा मुश्किल
  • मंत्री ने कहा- लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए लाई गई है यह शिक्षा नीति, उप समिति की रिपोर्ट के बाद ही सरकार कदम उठाएगी

नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के तेवर गर्म हैं। मंत्री ने गुरुवार को कहा, झारखंड सरकार इस नई शिक्षा नीति को हूबहू लागू नहीं करेगी। इसमें कई खामियां हैं। लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए यह शिक्षा नीति लाई गई है। मंत्रिपरिषद की तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उप समिति इसकी समीक्षा करेगी। उप समिति की रिपोर्ट के आलोक में ही सरकार आगे कदम उठाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस विषय पर उनकी मुख्यमंत्री से बात हुई है। कई बिंदु हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है। शीघ्र ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी।

कहा- नई नीति से झारखंड की शिक्षा व्यवस्था हो जाएगी चौपट
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई केंद्रीय शिक्षा नीति से झारखंड की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो जाएगी। केंद्र सरकार कह रही है कि मार्च 2022 के बाद से कोई भी पारा शिक्षक या अनुबंध वाला टीचर स्कूल में कार्यरत नहीं रहेगा। जब पारा शिक्षक नहीं रहेंगे, तो फिर स्कूलों में पढ़ाई कैसे होगी? राज्य के 65000 पारा शिक्षकों को हटाने के बाद राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बहाल रख पाना मुश्किल होगा। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारा शिक्षकों के स्थाई करण और उनको वेतनमान देने पर काम कर रही है। पारा शिक्षकों को वेतनमान और नियमितीकरण के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्हें 5200 से 20,200 का वेतनमान देने के लिए विधि विभाग की राय मांगी गई है। पर, सारे पारा शिक्षक तो एक साथ ही स्थाई नहीं हो सकते। नई शिक्षा नीति के कारण जब पारा शिक्षकों की एक बड़ी संख्या स्कूलों से हटेगी तो वहां पर बहुत बड़ा वैक्यूम आएगा, जिसे अचानक पूरा नहीं किया जा सकता है।

मंत्री ने उठाया सवाल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को यह बताना चाहिए कि जब स्कूलों से सभी पारा शिक्षक हट जाएंगे तो क्या नए शिक्षकों को वह वेतन देगी? पारा शिक्षकों के हटने के बाद आखिर स्कूलों में पढ़ाई कैसे चलेगी? केंद्र सरकार को यह बताना चाहिए कि वह झारखंड को कैसे और क्या सहयोगी करेगी।

एक ही टेट परीक्षा होने से गांव के बच्चे कैसे पास करेंगे
जगरनाथ महतो ने स्टेट की टेट परीक्षा समाप्त होने का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में स्टेट टेट परीक्षा को समाप्त कर सिर्फ सेंट्रल टेट परीक्षा को ही मान्यता दी गई है। यह एकदम गलत है। सेंट्रल टेट परीक्षा होने से झारखंड के बच्चों को दिक्कत आएगी। एक ही टेट परीक्षा होने से गांव के बच्चे कैसे पास कर पाएंगे।

आंगनबाड़ी में बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कैसे होगी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी? वहां पर तो कोई व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में सिर्फ बोल देने भर से तो नहीं हो जाएगा। ऐसे में यह सिर्फ आई वॉश है।

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