झारखंड में मछली खाने से दादा-पोता की मौत:परिवार के 6 अन्य सदस्यों की स्थिति गंभीर, गिरिडीह में रात में खाना खाकर सोए थे सब

गिरिडीह16 दिन पहले
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रात में सभी एक साथ मछली-चावल कर सोए थे। सुबह बेसुध मिले। - Dainik Bhaskar
रात में सभी एक साथ मछली-चावल कर सोए थे। सुबह बेसुध मिले।

झारखंड के गिरिडीह जिले में मछली-चावल खाने से दादा-पोता की मौत हो गई है। वहीं, परिवार के अन्य 6 सदस्यों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज गिरिडीह सदर अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर उनकी स्थिति चिंताजनक बता रहे हैं। शुरुआती जांच में मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया जा रहा है।

मृतक में 80 वर्षीय कुल्लू राणा और 8 वर्षीय उनका पोता बिपिन कुमार शामिल है। जबकि, परिवार की सावत्री देवी (44 वर्ष), इनकी बेटी आरती कुमारी (18 वर्ष), पिंकी कुमारी (14 वर्ष), रिंकी कुमारी (9 वर्ष), बेटा विवेक कुमार (11 वर्ष) और सास भोलवा देवी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 4 एंबुलेंस से सभी पीड़ितों को इलाज के लिए भेजा गया।

अस्पताल के बाहर बिलखते परिजन
अस्पताल के बाहर बिलखते परिजन

देर रात से ही बिगड़ने लगी थी तबीयत

बताया जाता है कि देवरी थाना क्षेत्र के पर्वतुडीह गांव के कुल्लू राणा के परिवार के सभी सदस्य गुरुवार की रात मछली-चावल खाकर सोए थे। अचनाक देर रात से इनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। एक-एक कर सभी बेसुध होते चले गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि ये पड़ोसियों से मदद तक नहीं मांग सके।

परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

सुबह जानकारी मिलते ही गांव में मचा कोहराम

सुबह देर तक घर के सदस्यों के नहीं उठने पर पड़ोस में रहने वाले लोगों ने उठाने का प्रयास किया। घर से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद यह खबर गांव में आग की तरह फैली और कोहराम मच गया। गांव के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए। सभी को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी लाया गया। जहां पर कुल्लू राणा विपिन कुमार को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, बेहोशी हालत में अन्य सदस्यों को गिरिडीह रेफर किया गया।

(इनपुट- गिरिडीह के देवरी से रामजी कुमार)