चार राज्यों में नक्सली बंद का अंतिम दिन आज:झारखंड पुलिस ने रेलवे, सड़क यातायात की विशेष सुरक्षा को लेकर जारी किया अलर्ट, कई इलाकों में दिख रहा असर

पलामू/गिरिडीह/खूंटी/ चाईबासा2 महीने पहले
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पलामू में नक्सली बंदी के कारण पसरा सन्नाटा। - Dainik Bhaskar
पलामू में नक्सली बंदी के कारण पसरा सन्नाटा।

भारत ​​​​​​ की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की ओर से बुलाए गए चार राज्यों में बंद का आज आखिरी दिन है। झारखंड पुलिस की ओर से रेलवे व सड़क यातायात को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा नक्सल प्रभावित इलाकों में मौजूद सुरक्षा बलों को लगातार सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। 72 घंटे के नक्सलियों की ओर से दूसरी बार बंद का आह्वान किया गया। गत 20 नवंबर को भारत बंद की घोषणा की गई थी।

नक्सलियों की फाइल फोटो
नक्सलियों की फाइल फोटो

गत 23 से 25 नवंबर के बीच चार राज्यों में तीन दिवसीय बंद की घोषणा की गई। इसमें झारखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ को शामिल किया गया। तीन दिवसीय बंद के दौरान पिछले 48 घंटे में नक्सलियों ने कहीं किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दिया है। लिहाजा गुरुवार को सुरक्षा बलों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। तीन दिवसीय बंद में राज्य के कई नक्सल प्रभावित जिलों में इसका कमोवेश असर जरूर देखने को मिला है।

नक्सली बंदी के कारण बैंक बंद।
नक्सली बंदी के कारण बैंक बंद।

पलामू, गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी जैसे जिलों में बंद का कुछ असर देखा गया है।अपने शीर्ष नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी से कमजोर पड़ चुके माओवादी अब अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे है। बिहार से सटे बॉर्डर सीमावर्ती इलाकों में माओवादियों का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक है। पलामू के हरिहरगंज और नौडीहा बाज़ार थानाक्षेत्र में बंदी का असर है। बैंक बंद हैं। दुकानें नहीं खुल रही है।प्रखंड कार्यालय में सन्नाटा है। बाकी जगहों पर स्थिति सामान्य दिनों की तरह ही है। अधिकांश बसें चल रही हैं।लोग भी सफर पर निकल रहे हैं।

बंदी के कारण नहीं आए बैंक कर्मचारी।
बंदी के कारण नहीं आए बैंक कर्मचारी।

कहां-कहां असर
पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में बाजार क्षेत्र की सभी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद हैं। झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य सरकारी बंद रहे। सरकारी कार्यालय से पदाधिकारी गायब रहे। तरहसी से वाया पांकी होकर रांची तक चलने वाली बसों का परिचालन नहीं हो रहा है। तरहसी-मनातू मुख्य पथ पर बंदी का असर देखने को मिला। मनातू से होकर पांकी और चतरा जाने वाली सड़क पर भी सन्नाटा पसरा है। मनातू, पांकी और चतरा का इलाका घोर नक्सल प्रभावित माना जाता है।

इन लिए की बंद की घोषणा
नक्सली नेता प्रशांत बोस और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी तथा जगह-जगह नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन के विरोध में इस बंद का आह्वान किया गया। संगठन की ओर से प्रशांत बोस और उनकी पत्नी को राजनीतिक बंदी करार दिया जा रहा है।

अमोल वी होमकर
अमोल वी होमकर

पुलिस मुख्यालय ने दिया है अलर्ट
झारखंड पुलिस के आइजी ऑपरेशन अमोल वी होमकर ने बताया कि बंद को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। आज अंतिम दिन है। लिहाजा रेलवे, सड़क यातायात पर विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।

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