झारखंड हादसे में ट्रक ड्राइवर की आंखों देखी:बोला- घना कोहरा था, मैं अपनी लेन में था, रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी

पाकुड़एक वर्ष पहले
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झारखंड के पाकुड़ में लिट्टीपाड़ा-अमड़ापाड़ा रोड पर चलती बस बुधवार की सुबह कब्रगाह में तब्दील हो गई। दुमका पहुंचने की आस में घर से निकले दर्जनों यात्री चंद सेकेंड में काल के गाल में समा गए। घायल यात्रियों को केवल इतना याद रहा कि बस तेज रफ्तार से चल रही थी... वे नींद में थे... अचानक जोरदार आवाज हुई... आंख खुली तो सड़कों पर बिखरे शव थे... इलाके में बस गुहार की चीत्कार थी।

इस भीषण हादसे में तीन घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा ट्रक ड्राइवर सनोज कुमार। बिहार के मुंगेर का रहने वाला सनोज लोगों से गुहार लगाते रहा। बचा लो भैया... बचा लो दादा। वो कराह-कराह कर अपना नाम, पता, ठिकाना बता रहा। हालांकि तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी मशीन और गैस कटर से ट्रक की बॉडी को काटकर उसे जिंदा निकाला गया।

सनोज ने बताया कि घना कोहरा था। विजिबिलिटी बेहद कम थी। वह अपने लेन में चल रहा था। आचनाक पडेरकोला के पास विपरित दिशा से आ रही तेज रफ्तार बस ने उसे सीधे-सीधे टक्कर मार दी। न उसे संभलने का मौका मिला न बचने का।

दुर्घटना के बाद फंसा ट्रक ड्राइवर।
दुर्घटना के बाद फंसा ट्रक ड्राइवर।

गैस कटर से काटकर 4 लोगों की जान बचाई गई
घटना के बाद जिला प्रशासन की टीम से पहले स्थानीय लोग पहुंचे। स्थानीय लोगों के वहां पहुंचते ही लोग बचाने की गुहार लगाने लगे। ड्राइवर के अलावा तीन लोग बुरी तरह फंसे हुए थे। एक का पैर बुरी तरह कुचला गया था। स्थानीय लोगों ने गैस कटर मंगवाकर इनकी बचाई। इसमें एक 18 साल का युवक व एक अधेड़ महिला भी हैं।

10 एंबुलेंस से घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
घटना इतनी भयावह थी कि बस में सवार यात्रियों का या तो निधन हो गया था या वे बुरी तरह घायल थे। आलम यह हो गया था कि घटना के 1 घंटे तक घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 2 एंबुलेंस कम पड़ गए थे। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 10 एंबुलेंस मंगाए गए। वहीं पिक अप में लोड कर के शवों को अस्पताल पहुंचाया गया।

तीन थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद वहां का मंजर इतना मार्मिक था कि हर कोई तुरंत मदद करवाना चाह रहा था। प्रखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर होने के कारण प्रशासन की टीम को पहुंचने में देरी हो रही थी इसके कारण लोग हंगामा करना शुरू कर दिए थे। बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए घटना स्थल पर तीन थानों की 50 पुलिस को तैनात किया।

(पाकुड़ से इनपुट- संतोष कुमार)