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विद्यालय अवधि बढ़ाने पर विवाद:शिक्षा सचिव ने कहा, शिक्षक संगठनों की सहमति से लिया फैसला, संघ ने कहा,चावल का बोरा उठवाना चाहते हैं अधिकारी

जमशेदपुर2 महीने पहले
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सरकार के फैसले के विरोध में शिक्षक संगठनों ने खाेला मोर्चा - Dainik Bhaskar
सरकार के फैसले के विरोध में शिक्षक संगठनों ने खाेला मोर्चा

झारखंड के सरकारी स्कूलों में कार्य अवधि बढ़ाने पर विवाद शुरू हो गया है। झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से स्कूलों में कक्षा संचालन का समय एक घंटे बढ़ाने के फैसले के विरोध में शिक्षक संगठनों ने राज्यस्तरीय धरना प्रदर्शन व हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। इस बीच पूरे मसले पर विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। कहा कि स्कूल अवधि में बढ़ोत्तरी का निर्णय शिक्षक संगठनों की सहमति मिलने के बाद लिया गया। इस मुद्दे पर अगर किसी को कोई आपत्ति है तो उसे वार्ता करनी चाहिए। उन्हें अब तक किसी संगठन की ओर से कोई आपत्ति पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।

शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा
शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा

इस बीच झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्वी सिंहभूम इकाई ने फैसले के विरोध में मंगलवार को अधिकारियों को अपना मांग पत्र सौंपा। कहा कि विभागीय अधिकारी शिक्षकों से पूरे वर्ष चावल का बोरा उठवाना चाहते है। इसके खिलाफ 28 नवंबर को राज्य स्तरीय बैठक होगी। इसमें अधिसूचना को रद्द कराने तक सरकार के खिलाफ धरना,प्रदर्शन एवं हड़ताल किया जाएगा।

संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा है कि सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा स्कूल अवधि 1 घंटा बढ़ाने संबंधी आदेश की हम सर्वसम्मति से निंदा व भर्त्सना करते हैं। यह बेबुनियाद गैर जिम्मेदाराना एवं शिक्षकों का मनोबल को तोड़ने वाला निर्णय है। दावा किया कि इस आदेश से पूरा शिक्षक समाज मर्माहत है। इस तरह के आदेश से पूरे झारखंड राज्य के संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ इसका विरोध करता है। राज्य में पहले से ही प्रत्येक वर्ष लगभग 250 कार्य दिवस रहा है।

शिक्षक संगठनों की ओर से सौंपा गया मांग पत्र
शिक्षक संगठनों की ओर से सौंपा गया मांग पत्र

यह निर्धारित शिक्षण घंटे के बराबर है। ऐसे में शिक्षण अवधि बढ़ाना शिक्षक ,छात्र तथा मानवता विरोधी है यह छात्रों के लिए भी हितकारी ना होकर अभिशाप साबित होगा। शिक्षकों की लंबित समस्याओं यथा उत्क्रमित वेतनमान , कार्मस शिक्षकों की प्रोन्नति, एमएसीपी का लाभ देने, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति करने, एमडीएम योजना से शिक्षकों को अलग कर जिम्मेदारी एनजीओ को देने की मांग पर विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है। मिड डे मील योजना अंतर्गत चावल का बोरा एकत्र कर बेचने का आदेश दिया जा रहा है।

शिक्षकों ने की बैठक
सरकार के फैसले के विरोध में जमशेदपुर में शिक्षकों ने बैठक की। इसमें सभी उपस्थित शिक्षकों ने सरकार के फैसले का विरोध किया। कहा कि विद्यालयों के लिए विकास फंड की राशि आज तक निर्गत नहीं की गई है जबकि दिसंबर महीने बीत गए हैं अपने निजी खर्चे से स्कूल का संचालन शिक्षक आज भी कर रहे हैं। इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ विभागीय सचिव के फरमान का विरोध कर तुरंत इसे निरस्त करने की मांग करता है।

कुछ ऐसा है मामला
दरअसल राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से स्कूली शिक्षा में सुधार का हवाला देते हुए गत दो नवंबर 2021 को अधिसूचना जारी की गई। इसमें देश के दूसरे राज्यों एवं दुनियां के दूसरे देशों का हवाला देते हुए पठन-पाठन में सुधार की आवश्यकता बताई गई। इसमें विद्यालय की पूर्व कक्षा संचालन अवधि को बढ़ा दिया गया है।

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