ट्वीट पर मचा बवाल:पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी में युवक को ट्विटर पर शिकायत करना पड़ा भारी, पुलिस अधिकारियों ने पीटा, SP ने दिए जांच के आदेश

चाईबासा2 महीने पहले
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पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाला युवक अपने बच्चे के साथ। - Dainik Bhaskar
पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाला युवक अपने बच्चे के साथ।

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी इलाके में हैरान कर देने वाली घटना घटी है। पुलिस पर आरोप है कि उसने ट्वीट करने से नाराज होकर एक युवक की पीटाई कर दी। युवक के घर रात को छापेमारी कर उसे उठाया गया। थाने लाकर उसके साथ मारपीट की गई। युवक ने मामले की शिकायत पुलिस के वरीय अधिकारियों से की है। चाईबासा के पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा ने पुलिस उपाधीक्षक को जांच के आदेश दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत लेकर पहुंचा युवक
पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत लेकर पहुंचा युवक

युवक के साथ मारपीट करने का आरोप कुमारडुंगी की थाना प्रभारी अंकिता सिंह व एएसआइ प्रकाश कुमार पर लगा है। पीड़ित युवक का नाम रमेश बेहरा है। वह लखीमपोसी गांव का रहने वाला है। युवक की ओर से लगाए जा रहे आरोप को थाना प्रभारी ने गलत बताया है। युवक ने अपने आरोप के पक्ष में थाना प्रभारी व एएसआइ के साथ फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग पेश की है।

युवक की ओर से किया गया ट्वीट
युवक की ओर से किया गया ट्वीट

कुछ ऐसा है पूरा मामला
दरअसल महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक झारखंड रांची की ओर से शुरू की गई एक अनोखी पहल अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसी के तहत झींकपानी सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत प्लस टू उच्च विद्यालय कुमारडुंगी के विद्यार्थी होलिन बेहरा को पुलिस की ओर से लैपटॉप दिया गया था।

रमेश होलिन का पड़ोसी व इलाके का वार्ड सदस्य है। उसने चाईबासा पुलिस को ट्वीट कर लिखा कि सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम में होलिन बेहरा को पुरस्कार स्वरूप दिया गया लैपटॉप स्कूल के शिक्षक ने रख लिया है। इससे विद्यार्थी नाराज है। मांग की गई कि होलिन का पुरस्कार उसे वापस दिलाया जाए। युवक का आरोप है कि ट्वीट करने के बाद कुमारडुंगी थाने से कहा गया कि वह अपना ट्वीट जल्दी डिलीट करे। उसे थाने बुलाया गया। नहीं आने पर मारपीट कर लाने की धमकी दी गई।

युवक की ओर से लगाए जा रहे आरोप की प्रति।
युवक की ओर से लगाए जा रहे आरोप की प्रति।

युवक ने उस दिन कोरोना की वैक्सीन लगवाई हुई थी। लिहाजा वह थाना प्रभारी व एएसआइ के फोन के बाद भी थाने नहीं पहुंचा। लिखित शिकायत में कहा गया है कि इससे नाराज होकर पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की। उसे उठाकर थाने लाई। जहां उसके साथ मारपीट की गई। उसे कक्षा नौवीं के एक बच्चे की मदद करने की सजा दी गई।

पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजी गई शिकायत की रसीद
पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजी गई शिकायत की रसीद

थाना प्रभारी ने कहा, ट्विटर पर दी गलत जानकारी
थाना प्रभारी अंकिता ने बताया कि युवक ने ट्विटर पर गलत जानकारी दी थी। जिन शिक्षक पर बच्चे का लैपटॉप रखने का आरोप लगाया जा रहा था। उसने संबंधित लैपटाप स्कूल में सभी बच्चों के लिए लगवा दिया था। हकीकत और शिकायत में बहुत अंतर था। लिहाजा युवक को ट्वीट हटाने के लिए कहा गया। युवक को केवल थाने बुलाकर समझाया गया। किसी तरह की कोई मारपीट नहीं की गई।

पुलिस अधीक्षक चाईबासा
पुलिस अधीक्षक चाईबासा

पुलिस अधीक्षक ने कहा, जांच के आदेश दिए
पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा ने कहा कि युवक की शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी से जानकारी ली गई। उनका कहना है कि किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है। केवल युवक को समझाया गया है। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

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