पलामू में जिसे मृत समझ दफनाया, वो निकली जिंदा:युवती की हत्या के आरोप में पति को पुलिस ने भेज दिया था जेल, चार दिनों बाद बच्चे के साथ सामने आई युवती

छत्तरपुर (पलामू)एक महीने पहले
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अपने बच्चे के साथ खुशबुन निशा। - Dainik Bhaskar
अपने बच्चे के साथ खुशबुन निशा।

हरिहरगंज थाना क्षेत्र के बघना गांव में नदी किनारे झाड़ियों में मिली एक युवती के शव का मामला एक बार फिर से उलझ गया है। परिजनों ने अपनी जिस बेटी का शव समझ दफना दिया था, वो सोमवार को जीवित अपने बच्चे के साथ सामने आ गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने युवती के पति को हत्या के आरोप में जेल भी भेज दिया है। ऐसे में पुलिस के समक्ष अब यह सवाल फिर से खड़ा हो गया कि जिसकी लाश दफन की गई, वो लड़की कौन थी।

दरअसल, 8 सिंतंबर को नग्नावस्था में एक युवती का अज्ञात शव मिला था। युवती के चेहरे पर पत्थर से वार किया गया था। अगले दिन 9 सितंबर को शव की पहचान जाबिर अंसारी की पत्नी खुशबुन निशा के रूप में उसके मायके वालों ने किया और पति पर हत्या करने का आरोप लगाया।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीन दिनों से खुशबुन अपने बेटे के साथ गायब है। उसके पति ने उसकी हत्या की है। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया और उन्होंने लाश को दफना दिया। इधर, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खुशबुन निशा के पति को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया।

8 सितंबर को झाड़ी में युवती का शव देखे जाने के बाद आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे पर किसी ने उसकी पहचान नहीं की थी।
8 सितंबर को झाड़ी में युवती का शव देखे जाने के बाद आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे पर किसी ने उसकी पहचान नहीं की थी।

इसी बीच खुशबुन को पहचानने वाले एक व्यक्ति ने युवती को छत्तरपुर में देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी। तब खुशबुन के जिंदा होने की बात सामने आई। छत्तरपुर में महिला थाना की टीम खुशबुन से पूछताछ कर रही है कि बच्चे के साथ वह क्यों गायब हुई? क्या उसके मायके वालों ने सच में बेटी को पहचानने में चूक कर दिया या जानबूझकर उसके पति को फंसाने के लिए कोई साजिश रची गई है। साथ ही पुलिस के सामने अब यह भी बड़ा मामला सामने आ गया है कि दफन किया गया शव किसका था।

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