लोन रिकवरी एजेंट ने गर्भवती को ट्रैक्टर से कुचला:4 दिन पहले मायके आई थी, ट्रैक्टर ले जाने से रोक रही थी; 1.20 लाख रु. बकाया थे

हजारीबाग2 महीने पहले

झारखंड के हजारीबाग जिला मुख्यालय से करीब 100 किमी दूर सिजुआ गांव में लोन वसूली करने गए एजेंटों ने किसान की गर्भवती बेटी को ट्रैक्टर से ही कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। युवती चार दिन पहले ही अपने मायके आई थी। पुलिस ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के 4 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया है। यह घटना गुरुवार की है। लोगों ने फाइनेंस कंपनी के दफ्तर को घेर लिया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

हजारीबाग के सिजुआ गांव निवासी दिव्यांग किसान मिथिलेश प्रसाद मेहता ने महिंद्रा फाइनेंस से 2018 में ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। करीब साढ़े पांच लाख के ट्रैक्टर की किश्तें वे लगातार चुका रहे थे। 1 लाख 20 हजार रुपए की 6 किश्त ही बाकी रह गई थीं। पैसों की कमी के कारण वे इन किश्तों को चुकाने में लेट हो गए। फाइनेंस कंपनी ने बताया कि लोन बढ़कर 1 लाख 30 हजार हो गया है।

फाइनेंस कंपनी के दफ्तर का घेराव करने पहुंचे लोगों को पुलिस समझाती हुई।
फाइनेंस कंपनी के दफ्तर का घेराव करने पहुंचे लोगों को पुलिस समझाती हुई।

फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी कुछ दिन पहले आए तो वे बकाया के अलावा 12 हजार रुपए अतिरिक्त मांगने लगे। यह रकम नहीं देने पर वे लोग वापस लौट गए। गुरुवार को लगभग 11:30 बजे ट्रैक्टर को जबरदस्ती ले जाने लगे। इचाक थाना क्षेत्र के बरियठ गांव के पास परिजन ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए और लोन की रकम 1.20 लाख रुपए भरने की बात कही। इसी पर कर्मचारियों ने 12 हजार रुपए और मांगे।

मना करने पर फाइनेंस कंपनी के कर्मी ट्रैक्टर पर चढ़ गए और चिल्लाने लगे कि सामने से हट जाओ नहीं तो ट्रैक्टर चढ़ा देंगे। जब परिजन नहीं हटे तो रिकवरी एजेंट ने ड्राइवर को ट्रैक्टर बढ़ाने का आदेश दिया। ड्राइवर ने किसान की गर्भवती बेटी को ट्रैक्टर से कुचल डाला। इससे उसकी मौके पर ही मौत हाे गई। इसके बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर भाग गए।

SP ने कहा- आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज होगा
में SP मनोज रतन चौथे ने बताया कि महिंद्रा फाइनेंस के रोशन सिंह समेत चार कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सभी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार इस बात की सूचना मिल रही है कि फाइनेंस कंपनियों के एजेंट पैसे की वसूली के लिए अवैध और जोर-जबरदस्ती करते हैं। फाइनेंस कंपनियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे नियमानुसार अपनी कार्रवाई करें। नियम के खिलाफ जाकर कार्रवाई करने पर उन्हें अंजाम भुगतना होगा।

3 महीने की गर्भवती थी मोनिका।
3 महीने की गर्भवती थी मोनिका।

फाइनेंस कंपनी के ऑफिस में हंगामा
शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने फाइनेंस कंपनी के इंद्रपुरी चौक पुलिस लाइन स्थित महिंद्रा कार्यालय में जमकर हंगामा किया। वे कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लगभग 4 घंटे तक हंगामा के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर लोग शांत हुए। बताया गया कि मोनिका गर्भवती थी। कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने मोनिका कुमारी और उसके पेट में पल रहे शिशु की हत्या ट्रैक्टर से कुचल कर कर दी। घटना को लेकर परिजन सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मृतका मोनिका कुमारी का शव लेकर इंद्रपुरी चौक स्थित महिंद्रा फाइनेंस ऑफिस पहुंचे।

किसान मिथिलेश प्रसाद मेहता ने महिंद्रा फाइनेंस से 2018 में ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था।
किसान मिथिलेश प्रसाद मेहता ने महिंद्रा फाइनेंस से 2018 में ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था।

महिंद्रा फाइनेंस के एमडी ने जताया दुख
महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के एमडी डॉ. अनीश शाह ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वो पीड़ित परिवार के साथ है। मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी। थर्ड पार्टी के जरिए लोन रिकवरी पर भी विचार किया जाएगा। कंपनी जांच में हर तरीके से मदद करेगी।

कंपनी ने घटना पर दुख जताया है।
कंपनी ने घटना पर दुख जताया है।

पिछले साल हुई थी शादी, चार दिन पहले ही मायके पहुंचाया था
मोनिका के पति डुमरौन निवासी कुलदीप ने बताया कि उनकी शादी 1 साल पहले हुई थी। मोनिका अपना पीजी कंप्लीट करना चाहती थी। उसकी इस चाहत को पूरा करने के लिए वो असम काम करने गया था। वह तीन महीने की गर्भवती थी। चार दिन पहले वो उसे मायके छोड़ा था। अगर उसे इस बात की जानकारी होती कि असम लौटने से पहले उसके घर उसकी पत्नी का शव घर आ जाएगा तो वो कभी असम नहीं जाता। पत्नी का शव देखकर वो खुद को संभाल नहीं पा रहा है।