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बोकारो में डोभा में डूबने से भाई बहन की मौत:बच्चों का चप्पल दिखने पर युवक डोभा में उतरे, मासूम भाई-बहन की मिली लाश

जैनामोड़ (बोकारो)3 महीने पहले
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मृतकों की पहचान चांदो निवासी राजकुमार नायक की बेटी शिवानी कुमारी और जिगर कुमार नायक के रूप में की गई। (फाइल) - Dainik Bhaskar
मृतकों की पहचान चांदो निवासी राजकुमार नायक की बेटी शिवानी कुमारी और जिगर कुमार नायक के रूप में की गई। (फाइल)

बोकारो जिला के पेटरवार ब्लॉक अंतर्गत ग्राम चांदो में मनरेगा के तहत बने डोभा में डूबने से मंगलवार को दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों ही सगे भाई-बहन थे। काफी देर से घर से गायब बच्चों की तलाश के दौरान लोग डोभा के पास पहुंचे तो उन्हें चप्पल दिखाई दी। इसके बाद कुछ युवक डोभा में उतरे तो उन्हें दोनों बच्चों का शव मिला। मृतकों के माता-पिता के केवल यही दो बच्चे थे।

मृतकों की पहचान चांदो निवासी राजकुमार नायक की बेटी शिवानी कुमारी (7) और जिगर कुमार नायक (5) के रूप में की गई। बच्चे दोपहर को खेलने के लिए निकले थे। शाम 5 बजे तक जब वो घर नहीं पहुंचे तो लोगों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान लोग घर के पीछे बने डोभा के पास पहुंचे तो उन्हें बच्चों की चप्पल नजर आई। संदेह होने पर कुछ युवक डोभा में उतरे उन्हें दोनों बच्चे मिले। इसके बाद परिजनों द्वारा दोनों बच्चों को जैनामोड़ रेफरल हॉस्पिटल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इससे पूरे चांदो गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुखिया राजेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 3 साल पहले शिव मंदिर, चांदो के बगल में डोभा बनाया गया था। डोभा पर मिट्टी कटाई कर उसके साइज को बड़ा कर लाभुक चंद्र शेखर भगत मछली पालन भी कर रहा है। मुखिया ने बताया कि बच्चों के पिता राजकुमार नायक मंगलवार को उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय चांदो में विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन के दौरान पहुंचे थे। उन्हें समिति का सदस्य चुना गया था।

इधर, पेटरवार बीडीओ शैलेंद्र चौरसिया ने कहा कि डोभा बहुत पहले बना हुआ है। डोभा बनने के दौरान अगर किसी प्रकार की घटना होती है तो उस समय मनरेगा के तहत कुछ मुआवजा सरकारी स्तर से देने का प्रावधान है। लेकिन बनने के बाद मनरेगा के तहत बने डोभा से कोई हताहत होता है और अगर सरकारी स्तर से प्रावधान होगा तो उसे हर हाल में मुआवजा दिया जाएगा।

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