पलामू:पर्यावरण पर लॉकडाउन का सकारात्मक प्रभाव, पलामू टाइगर रिजर्व में दिखाई दे रहे बाइसन, हाथी और कई तरह के पक्षी

पलामू2 वर्ष पहले
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जंगल के अंदर भाग में रहने वाले बाइसन बेतला नेशनल पार्क के बाहरी हिस्से में देखे जा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
जंगल के अंदर भाग में रहने वाले बाइसन बेतला नेशनल पार्क के बाहरी हिस्से में देखे जा रहे हैं।
  • पलामू टाइगर रिजर्व बुलबुल, जंगल बैबलर आदि चिड़िया के चहचहाट से हुआ गुंजायमान
  • कुजरूम इलाके में पलायन करने वाला हाथियों का झुंड इस बार अब तक पार्क में ठहरा हुआ है

कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण झारखंड समेत पूरे देश में लॉकडाउन लगा है। सड़कों पर गाड़ियों की संख्या बहुत कम हो गई। फैक्ट्रियां भी बंद हैं। ऐसे में प्रदूषण लेवल काफी घट गया है। इस प्रदेश के तमाम शहरों की हवा बेहद साफ हुई है। पलामू टाइगर रिजर्व में भी लॉकडाउन का असर साफ देखने को मिला है। जंगली जानवर बेफिक्र विचरण कर रहे हैं। जंगल के अंदर भाग में रहने वाले बाइसन बेतला नेशनल पार्क के बाहरी हिस्से में देखे जा रहे हैं। सालों से नहीं दिखने वाला इंडियन रॉक पाइथन (अजगर) भी नजर आ रहा है। पलामू टाइगर रिजर्व बुलबुल, जंगल बैबलर आदि चिड़िया के चहचहाट से गुंजायमान हो उठा है। कई तरह की तितलियां भी पार्क में मंडरा रही हैं। 

जल क्रीड़ा करता जंगली हाथी का झुंड।
जल क्रीड़ा करता जंगली हाथी का झुंड।

पानी की उपलब्धता होने से जंगली हाथी का झुंड पार्क में मौजूद 
इस बार मौसम के साथ देने के कारण और लॉकडाउन के कारण बेतला नेशनल पार्क के प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी की उलब्धता बनी हुई है। इस कारण इस मौसम में सामान्यत: पानी की कमी को लेकर कुजरूम इलाके में पलायन करने वाला हाथियों का झुंड पार्क में ठहरा हुआ है। 12, 18 और 20 हाथियों का अलग अलग झुंड, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। वैसे प्रबंधन द्वारा पार्क के रोड साइड बने सीमेंटेड वॉटर टर्फ में वॉटर टैंकर से प्रतिदिन पानी डाला जाता है। ताकि हिरण, बंदर आदि छोटे जानवरों को पानी पीने के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ा। 

पेट्रोलिंग में सामाजिक दूरी का हो रहा अनुपालन 
प्रदेश में कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए 23 मार्च से लॉक डाउन लगा हुआ है। लॉकडाउन के लगने के बाद से पलामू टाईगर रिजर्व में पेट्रोलिंग को तेज कर दिया गया है। 24 घंटे-सातों दिन की तर्ज पर तीन शिफ्ट में जीप, बाइक और पैदल पेट्रोलिंग की जा रही है। इसमें सामाजिक दूरी का अनुपालन किया जा रहा है।

लॉकडाउन का वनों, वन्य जीव पर प्रभाव का रिपोर्ट देने का निर्देश 
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ पीके वर्मा ने सभी डीएफओ से लॉकडाउन का गैर वन क्षेत्र, वन क्षेत्र, संरक्षित वन,वन्य जीव, चिड़िया और तितलियों पर क्या प्रभाव पड़ा है, इसका विश्लेषण कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।

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