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झारखंड में मानसून का कहर:राज्य में लगतार बारिश का असर, घरों और दुकानों में घुसा पानी, कोयल नदी का पानी पुल के ऊपर चढ़ा; लातेहार में घर गिरा

रांची/जमशेदपुर/धनबाद6 महीने पहले
लोहरदगा के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत सेरहंगतु और सीठियो गांव के बीच स्थित कोयल नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है।

मानसून की बारिश अब कहर बरपाने लगी है। रांची सहित राज्य में दो दिनों से मूसलाधार बारिश हाे रही है। इससे तकरीबन हर जिले में लोगों की हालत भी खराब हाे गई है। लोहरदगा के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत सेरहंगतु और सीठियो गांव के बीच स्थित कोयल नदी पूरी तरह भरकर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। भारी बारिश के बीच देर रात पतरातू डैम के 4 और तेनुघाट डैम के 6 फाटक खोले गए हैं। कई जिलों में घरों में पानी घुस गया है। लातेहार में मूसलाधार बारिश के कारण घर गिर गया। माैसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य के ऊपर निम्न दबाव बना हुआ है। इसलिए बारिश हाे रही है।

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लोहरदगा जिले में हो रही लगातार बारिश के बाद सभी नदी नाले उफान पर है। जिले के कोयल नदी व शंख नदी पूरी तरह से भर गई है। जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत सेरहंगतु और सीठियो गांव के बीच स्थित कोयल नदी पूरी तरह भरकर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे लोहरदगा-रांची मार्ग बाधित है। वहीं, सुबह से ही लोगों की भीड़ बाढ़ देखने के लिए नदी के दोनों छोर पर जुटी हुई है। कुछ लोग लापरवाही बरतते हुए पुल भी पार कर रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा लोगों को नदी के पास से हटाया गया। साथ ही बैरेंकेटिंग की गई।

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जामताड़ा के पबिया में गिरा आम का पेड़।
जामताड़ा के पबिया में गिरा आम का पेड़।

इधर, जामताड़ा में कई मुख्य सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर जाने की वजह से शनिवार को आवाजाही ठप हो गई है। पबिया क्षेत्र के फूलजोड़ी एनएच 419 पर पलाश का पेड़ गिर जाने की वजह से जामताड़ा-धनबाद मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। सुबह होते ही लोगों के सहयोग से उसे हटाया गया। वहीं, पबिया में आम का विशाल पेड़ गिर गया। इससे बिजली की तार टूटकर जमीन पर गिर गया। दुबे टोला में दो ट्रांसफार्मर पर भी आकाशीय बिजली गिरने से जल गए।

हजारीबाग में घरों में पानी।
हजारीबाग में घरों में पानी।

हजारीबाग में शहर का निचला इलाका दीपूगड़ा, बुंदेल नगर, पूरी तरह से डूब गया है। बुंदेल नगर के घरों में 3 फीट तक पानी घुस गया है। लोग घरों से निकलकर पड़ोसियों के घरों में शरण ले रहे हैं। वहीं, लोहसिंघना थाना में पानी घुसने से वहां रखे कई दस्तावेज भीग गए। थाना प्रभारी निशी कुमारी ने बताया कि पूरे थाना में लबालब पानी भर गया था। जेसीबी मंगवा कर नाला बनवाया गया ताकि थाना में घुसा पानी पास के तालाब में गिराया जा सके।

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पतरातू डैम के चार फाटक से 3000 क्यूसेक पानी का बहाव कराया जा रहा है।
पतरातू डैम के चार फाटक से 3000 क्यूसेक पानी का बहाव कराया जा रहा है।

वहीं, पतरातू क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद पतरातू डैम के जलस्तर में उफान आ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन और प्रबंधन के लोगों ने डैम की सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल चार फाटक खोल दिया। तीनों फाटक से 3000 क्यूसेक पानी का बहाव कराया जा रहा है। उधर, रामगढ़ में बारिश के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे। शहर के बाजारों में भी सन्नाटा रहा। लगातार बारिश के कारण खेतों में लबालब पानी भर आया है। जिले के कई नदियां उफान पर है। वहीं, ताल-तलैया में भी भरपूर पानी आ गया है। लगातार बारिश के कारण शहर की नालियां भी जाम हो गई है। कई मोहल्लों के घरों में भी पानी घुसने की खबर है। रजरप्पा स्थित भैरवी नदी भी उफान पर है। इधर, बोकारो स्थित तेनुघाट डैम के 6 गेट खोले गए हैं। छह फाटकों से 84,445 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

लगातार बारिश से अब पनसुआं डैम में पानी पूरी तरह भर गया है।
लगातार बारिश से अब पनसुआं डैम में पानी पूरी तरह भर गया है।

सोनुआ के पनसुआं डैम में आया उफान
वहीं, लगातार बारिश से क्षेत्र के नदी-तालाब और बांध उफान पर आ गए हैं। चक्रधरपुर के सोनुआ प्रखंड का पनसुआं डैम में भी ऊफान आ गया है। पनसुआं डैम का जलस्तर 344 मीटर के ओवरफ्लो लेवल को पार गया है। इससे ओवरफ्लो द्वार से पानी बाहर आ रहा है। पिछले वर्ष कम बारिश से बरसात के समय भी पनसुआं डैम का जलस्तर ओवरफ्लो लेवल को पार नहीं किया था। कुछ दिनों पहले भी डैम का जलस्तर ओवरफ्लो लेवल से काफी कम था।

लातेहार में मूसलाधार बारिश के कारण घर हुआ ध्वस्त।
लातेहार में मूसलाधार बारिश के कारण घर हुआ ध्वस्त।

लातेहार में भी नदियां उफान पर

इधर, मूसलाधार बारिश के कारण शुक्रवार की देर रात सदर प्रखंड के डेमू पंचायत के हुंडरू गांव निवासी देवंती मसोमात का घर ध्वस्त हो गया। हालांकि किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। देवंती मासोमत ने बताया कि घर ध्वस्त होने के कारण घर में रखे कई समान भी बर्बाद हो गए हैं। घर में लगाए गए एस्बेस्टस पूरी तरह टूट गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। वहीं, लातेहार में भी नदियां उफान पर है। तो खेतों में पानी लबालब भरा हुआ है। कुआं, तालाब का जलस्तर बढ़ गया है। खेत में लगाए फसल भी बर्बाद हो गए हैं। लगातार बारिश के कारण जानवरों को चराने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रामगढ़ के रजरप्पा स्थित भैरवी नदी उफान पर है। मां छिन्नमस्तिका मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बने प्लेटफार्म तक भैरवी नदी का पानी पहुंच गया है।
रामगढ़ के रजरप्पा स्थित भैरवी नदी उफान पर है। मां छिन्नमस्तिका मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बने प्लेटफार्म तक भैरवी नदी का पानी पहुंच गया है।

बाढ़ देखने के लिए पुलिया पर चढ़े चार बच्चे नदी में गिरे, एक गंभीर
चक्रधरपुर प्रखंड के संजय नदी ईचाकुटी-सोमरा गांव के बीच निर्माणाधीन पुल पर चढ़कर नदी की बाढ़ देखने के दौरान 4 बच्चे नीचे गिर गए। इसमें से एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है। जबकि अन्य तीन बच्चों को हल्की चोटें लगी हैं। बाईपी पंचायत अंतर्गत सोमरा गांव निवासी सिंगराई सामड (11), सिंगराई सामड (12), प्रधान सामड (13) व मतकमहातु गांव निवासी सुखलाल कोड़ा (12) समेत अन्य बच्चे पुल पर चढ़कर संजय नदी में आई बाढ़ को देख रहे थे। इसमें 4 बच्चे पुल के पिलर निर्माण के लिए बनाए गए सैंटरिंग के ऊपर चढ़कर नदी का नजारा देख रहे थे। इस दौरान अचानक पुल का सैंटरिंग गिर गया, जिसके कारण बच्चे नीचे गिर गए।

खरसावां में चांदनी चौैक पर बारिश से दुकान के बाहर जमा पानी।
खरसावां में चांदनी चौैक पर बारिश से दुकान के बाहर जमा पानी।

रानीबांध तालाब लबालब
इधर, धनबाद में भी बारिश के कारण सभी तालाब और डैम लबालब हाे गए हैं। शुक्रवार काे धनबाद का रानीबांध तालाब भी भर गया। तालाब के पास स्थित धैया रोड जलमग्न रहा। बराकर नदी में भी उफान की स्थिति है। वहीं, खरसावां-कुचाई में सड़कों और नालियों का गंदा पानी दुकानों और घरों में घुसने से लोग परेशान दिखे। सड़कों पर जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश से खरसावां चांदनी चौक, बेहरासाई, कुम्हारसाई सहित खरसावां, कुचाई, आमदा पानी-पानी हो गया है।