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झारखंड में यास का असर LIVE:सुबह से झमाझम बारिश, जमशेदपुर में तेज हवा से बिजली के पोल गिरे; पश्चिमी सिंहभूम में नदी किनारे बसे लोगों को हटाने में जुटा प्रशासन

चाईबासा/घाटशिला8 महीने पहले
धनबाद स्थित निरसा में छाए बादल।

राजधानी रांची सहित झारखंड के कई हिस्सों में "चक्रवाती तूफान यास" का असर बुधवार से दिखने लगा। सुबह से शुरू हुई मध्यम बारिश शाम होते-होते तेज हो गई है। रांची की कई सड़कें जलमग्न हैं। अधिकतर इलाकों में बिजली नहीं है।

वहीं, जमशेदपुर में दोपहर 2 बजे से तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। इस कारण शहर के कई इलाकों में बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए। इससे बिजली सप्लाई बाधित है।

पश्चिमी सिंहभूम जिले में भी बचाव और राहत कार्य तेज कर दिया गया है। जिले के डूब क्षेत्र को खाली कराने और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। जबकि, घाटशिला के बहरागोड़ा स्थित बड़ागाड़िया पंचायत भवन के पास पीपल का पेड़ गिर गया। इससे बरागाड़िया पानीपड़ा मुख्य सड़क बंद हो गई है।

सोनुआ-गोईलकेरा मुख्य सड़क पर स्थित झाड़गांव और चांदीपोस के बीच स्थित छोटी पुलिया के ऊपर पानी बहने लगा।
सोनुआ-गोईलकेरा मुख्य सड़क पर स्थित झाड़गांव और चांदीपोस के बीच स्थित छोटी पुलिया के ऊपर पानी बहने लगा।

नदी का बढ़ा जलस्तर, पुलिया के ऊपर पानी बहने से सोनुआ-गोईलकेरा मुख्य सड़क पर आवागमन ठप

चाईबासा के सोनुआ में भी दिनभर बारिश हो रही है। क्षेत्र के नदी, नालों और तालाबों का जल स्तर बढ़ गया। दिनभर की भारी बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया और बुधवार शाम से सोनुआ-गोईलकेरा मुख्य सड़क पर स्थित झाड़गांव औऱ चांदीपोस के बीच स्थित छोटी पुलिया के ऊपर पानी बहने लगा। इससे आवागमन ठप हो गया है।

बहरागोड़ा के बड़ागाड़िया पंचायत भवन के पास पीपल का एक विशाल वृक्ष गिर गया।
बहरागोड़ा के बड़ागाड़िया पंचायत भवन के पास पीपल का एक विशाल वृक्ष गिर गया।

इधर, पदाधिकारियों ने चाईबासा अंतर्गत रोरो नदी के किनारे बसे गरीब बस्ती, लोहार बस्ती, तुरी टोला, जेवियर नगर, गांधी टोला पुराना चाईबासा के लोगों से प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। वहीं, जगन्नाथपुर-जैंतगढ़ मेन रोड पर बेलपोसी गांव के पास सड़क के बीच एक विशाल पेड़ गिर गया।

झारखंड-ओडिशा सीमा क्षेत्र के वैतरणी नदी तट किनारे बसे गांवों का निरीक्षण करते हुए BDO ने लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है। साथ ही मुण्डुई, पुटगांव, पड़सा आदि गांव के कई लोगों को प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्कूल व पंचायत के पक्के भवन में ठहरने की व्यवस्था की है।

बोकारो में सुबह से छाए काले बादल।
बोकारो में सुबह से छाए काले बादल।

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण नदी के तेज बहाव और निचले क्षेत्र में जलजमाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन द्वारा शेल्टर हाउस के रूप में चाईबासा स्थित जेवियर विद्यालय को व्यवस्थित किया गया है।

चक्रधरपुर: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र दंदासाई में रहने वाले लोग अपने सामानों को ठेला से ढोकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे।
चक्रधरपुर: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र दंदासाई में रहने वाले लोग अपने सामानों को ठेला से ढोकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे।

चक्रधरपुर में बीडीओ और थाना प्रभारी ने संजय नदी के आसपास डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अस्थायी शेल्टर हाउस के रूप में जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, उर्दू मध्य विद्यालय एवं रानी रसाल विद्यालय में शरण लेने को कहा चक्रधरपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को प्रशासन सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर रहा है। बता दें कि 18 अगस्त 2019 को आयी बाढ़ से नदी किनारों पर स्थित सैकड़ों घर पानी में बह गए थे।

गुड़ाबांदा ब्लॉक के सिंहपुरा आदिवासी जनजातीय अवासीय विद्यालय शेल्टर होम के अलग-अलग कमरे में करीब 800 लोगों को रखा गया है। इसमें सबर परिवार सबसे ज्यादा है।
गुड़ाबांदा ब्लॉक के सिंहपुरा आदिवासी जनजातीय अवासीय विद्यालय शेल्टर होम के अलग-अलग कमरे में करीब 800 लोगों को रखा गया है। इसमें सबर परिवार सबसे ज्यादा है।

गुड़ाबांदा में 2051 लोगों को भेजा गया शेल्टर होम में

गुड़ाबांदा ब्लॉक में 25 मई की देर शाम ही सबर परिवारों को और स्वर्ण रेखा नदी तट पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित शेल्टर होम में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रखंड में कुल 2051 लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है। रात में इनको भोजन उपलब्ध कराया गया। सुबह नाश्ते में मूड़ी, चुड़ा और गुड़ का प्रबंध किया गया है।

रांची के डाेरंडा स्थित मेकॉन कॉलोनी में गिरा पेड़।
रांची के डाेरंडा स्थित मेकॉन कॉलोनी में गिरा पेड़।

खरसावां में रात दो बजे से ही क्षेत्र में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। साथ ही तेज बारिश ने लोगों को परेशान कर दिया है। धालभूमगढ़ प्रखंड क्षेत्र में 45 राहत केंद्र बनाए गए हैं। इस राहत केंद्र में अभी तक 600 लोग आश्रय ले चुके हैं। सभी राहत केंद्र में आश्रितों को भोजन, नाश्ते का प्रबंधन किया गया है।

रांची के मांडर में सबसे अधिक बारिश

मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 45.6 मिलीमीटर बारिश रांची के मांडर में रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम के रास्ते देर रात झारखंड में इंटर करेगा। यहां ये 70-80 किलोमीटर प्रति किलोमीटर की रफ्तार से इंटर करेगा।

जमशेदपुर के पास सरायकेला जिले के डोभो के पास पहाड़ों के बीच मौसम का अद्भुत नजारा दिखा।
जमशेदपुर के पास सरायकेला जिले के डोभो के पास पहाड़ों के बीच मौसम का अद्भुत नजारा दिखा।