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झारखंड : लॉकडाउन का तीसरा दिन / क्रिकेट संघ ने राहत कोष में दिए 51 लाख रुपए; धोनी के एक लाख रुपए देने की खबर को साक्षी ने गलत बताया

कोलकाता-दिल्ली के बीच नेशनल हाईवे-2 पर पसरा सन्नाटा।
गुमला के एक गांव में बाहरी लोगों के अंदर आने पर पाबंदी लगा दी गई है। गुमला के एक गांव में बाहरी लोगों के अंदर आने पर पाबंदी लगा दी गई है।
धनबाद की सब्जी मंडी में लॉकडाउन में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। धनबाद की सब्जी मंडी में लॉकडाउन में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं।
गुमला के आसपास करीब 200 किलोमीटर के दायरे में काम करने वाले मजदूर पैदल ही घर पहुंच रहे हैं। गुमला के आसपास करीब 200 किलोमीटर के दायरे में काम करने वाले मजदूर पैदल ही घर पहुंच रहे हैं।
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गुमला के एक गांव में बाहरी लोगों के अंदर आने पर पाबंदी लगा दी गई है।गुमला के एक गांव में बाहरी लोगों के अंदर आने पर पाबंदी लगा दी गई है।
धनबाद की सब्जी मंडी में लॉकडाउन में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं।धनबाद की सब्जी मंडी में लॉकडाउन में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं।
गुमला के आसपास करीब 200 किलोमीटर के दायरे में काम करने वाले मजदूर पैदल ही घर पहुंच रहे हैं।गुमला के आसपास करीब 200 किलोमीटर के दायरे में काम करने वाले मजदूर पैदल ही घर पहुंच रहे हैं।

  • राउरकेला से कुछ मजदूर पैदल ही पलामू के लिए निकले और गुरुवार रात गुमला पहुंचे
  • पुलिस-प्रशासन की सख्ती के बावजूद सब्जी मार्केट में रोजाना की तरह जुटी भीड़

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 06:51 PM IST

रांची/जमशेदपुर/धनबाद. 21 दिन के लॉकडाउन के तीसरे दिन शुक्रवार को भी प्रदेश के बाहर काम करने वालों के घर लौटने का सिलसिला जारी है। कई शहरों में शुक्रवार सुबह दूसरे शहरों और राज्यों से कुछ लोग घर लौटते दिखे। हालांकि, सतर्कता और सावधानी के तौर पर कई गांवों की सीमा पर बोर्ड लगाया गया है। इसमें बिना इजाजत बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। गांव के लोग जो बाहर से आ रहे हैं उन्हें भी हिदायत दी गई है कि बिना स्वास्थ्य जांच कराए गांव में न आएं।

क्रिकेट ऐसोसिएशन ने सीएम को दिए 51 लाख का चेक
झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपए का चेक दिया गया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को चेक सौंपते वक्त बीसीसीआई पूर्व सचिव अमिताभ चौधरी, जेएससीए के उपाध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, जेएससीए सचिव संजय कुमार, पूर्व सचिव देवाशीष चक्रवर्ती व कमल कुमार उपस्थित थे। वहीं रांची के सांसद संजय सेठ ने भी एक करोड़ रुपए दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी 25 लाख रुपए राहत कोष में दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी विधायक निधि से 25 लाख रुपए साहेबगंज के डीसी को दिए हैं।

राहत कोष में धोनी के एक लाख रुपए देने की खबर को साक्षी ने बताया गलत
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी द्वारा कोरोनावायरस के खिलाफ जारी जंग में पुणे में एक एनजीओ के जरिए एक लाख रुपए दिए जाने की खबर है। खबर के बाद उनकी पत्नी साक्षी सिंह धोनी ने ट्वीट कर इसे गलत बताया है।

झारखंड के सभी जिलों में लॉकडाउन का मिलाजुला असर देखा जा रहा है। प्रदेश के धनबाद से गुजरने वाले कोलकाता-दिल्ली नेशनल हाईवे-2 पर सन्नाटा पसरा रहा। इस हाईवे को लाइफलाइन माना जाता है। कोलकाता से झारखंड, बिहार और उत्तरप्रदेश के शहरों में कई सामानों की आपूर्ति होती है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान खाद्य पदार्थों और जरूरी सामानों के अलावा कोई अन्य भारी वाहन सड़कों पर नहीं दिखे। स्थानीय लोगों की आवाजाही कम हो रही है।

लॉकडाउन के दौरान रांची के नगड़ी स्थित नारो बाजार में आम दिनों की तरह लोगों की भीड़ उमड़ी।

सब्जी बाजारों में रोजाना की तरह जुटी भीड़
धनबाद, जमशेदपुर, पलामू, लातेहार, गुमला, चाईबासा, लोहरदगा आदि शहरों के सब्जी बाजारों में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह भी भीड़ जुटी। हालांकि, कई शहरों में प्रशासन ने सब्जी और अन्य खाद्य पदार्थों की होम डिलीवरी शुरू कर दी है, फिर भी लोग बाजार आ रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि वे हफ्तेभर का सामान लेना चाहते हैं, लेकिन बाजार में सामान पर्याप्त नहीं है, इसलिए उन्हें रोजाना आना पड़ रहा है।

सोशल डिस्टेंसिंग नहीं समझ पा रहे लोग
पुलिस-प्रशासन की ओर से बार-बार सोशल डिस्टेंसिंग की बात कही जा रही है, लेकिन इसके बारे में लोग कम ही समझ पा रहे हैं। एक-दूसरे से मिलने के दौरान वे उचित दूरी बनाकर नहीं रख पा रहे, खासकर सब्जी मार्केट में। कुछ लोग बिना मास्क लगाए बेवजह सड़कों पर घूमते दिख रहे हैं। हालांकि, प्रशासन लाउडस्पीकर से लोगों को जागरूकता का संदेश दे रही है।

ओडिशा के राउरकेला से पैदल ही गुमला पहुंचे मजदूरों को प्रशासन ने बस से घर भेजा।

ओडिशा के राउरकेला से गुमला 200 किमी पैदल पहुंचे लोग
शुक्रवार सुबह 15 मजदूर ओडिशा के राउरकेला से गुमला पैदल ही 200 किमी की दूरी तय किया। गुरुवार की रात सभी गुमला पहुंचे। यहां से उन्हें प्रशासन की मदद से बस से पलामू भेजा गया। स्क्रीनिंग के बाद उन्हें गांव में जाने दिया गया।

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