टेंशन में गुजरा लालू का पूरा दिन:RIMS में रोटी-सब्जी और दाल खाया, आज तय होगा नया डायट चार्ट, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

रांचीएक वर्ष पहले
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लालू प्रसाद यादव। - Dainik Bhaskar
लालू प्रसाद यादव।

RIMS के पेइंग वार्ड में बुधवार को लालू प्रसाद का पहला दिन था। डॉक्टरों ने बताया कि लालू प्रसाद रात में अच्छे से सो नहीं पाए। टेंशन में रात गुजरी है। वह फिलहाल मेडिसिन विभाग के HOD डॉ. विद्यापति की निगरानी में है। उन्होंने बताया कि लालू फिलहाल स्टेबल हैं। उनको 1600 कैलरी युक्त भोजन देना है। इस कारण उन्हें फिलहाल खाने में रोटी, हरी सब्जियां, थोड़ा चावल, दाल और दूध दिया जा रहा है। जब तक उनकी नई रिपोर्ट नहीं आती, उनके खाने में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद डाइटीशियन को नया डायट चार्ट बनाने का निर्देश दिया जाएगा। पहले दिन रिम्स में सुरक्षा व्यवस्था देखने सदर DSP पहुंचे।

DSP प्रभात रंजन बरवार ने सुरक्षा में मुस्तैद जवानों से कहा कि आपसे फिल्टर होने के बाद ही लोग ऊपर जा पाएं, यह सुनिश्चित करें। इसलिए, कड़ी निगरानी रखनी है और सतर्क रहना है। ज्ञात हो कि चारा घोटाले के मामले में रांची CBI की विशेष अदालत ने डोरंडा कोषागार से हुई पैसे की निकासी के मामले में लालू यादव को दोषी करार दिया है। 13 महीने परिवार के साथ रहने के बाद लालू यादव को फिर हिरासत में ले लिया गया है।

पेइंग वार्ड के मेन गेट पर लगा मेटल डिटेक्टर

RIMS के पेइंग वार्ड की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पेइंग वार्ड के पहले तल्ले के रूम ए-11 में लालू भर्ती हैं। उनके रूम के बाहर के एरिया को बैरिकेडिंग कर दी गई है। इसमें चार पुलिस और एक अधिकारी हमेशा निगरानी रख रहे हैं। ग्राउंड फ्लोर और पिछले कॉरिडोर में चार-चार जवान मुस्तैद हैं। पेइंग वार्ड के मेन गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया। बिना कारण बैठने वालों की बुधवार को चेकिंग की गई।

7 डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड रख रहा है सेहत पर नजर

रिम्स में लालू प्रसाद की अच्छी सेहत और बीमारियों के इलाज के लिए 7 विभिन्न विभागों के डॉक्टरों का मेडिकल बार्ड बनाया गया है। टीम का नेतृत्व मेडिसिन के HOD डॉ. विद्यापति करेंगे। इनके अलावा 6 अन्य विभागों के डॉक्टर लालू की बीमारियों का इलाज करेंगे, जिसमें क्रिटिकल केयर प्रमुख डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य, हृदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश कुमार, यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरशद जमाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. प्रज्ञा पंत घोष, मेडिसिन विभाग के डॉ. डीके झा और डॉ. सीबी शर्मा शामिल हैं।

रिपोर्ट आने पर इलाज में हो सकता है बदलाव

पहले दिन डॉक्टरों की टीम ने उनकी प्राथमिक जांच की। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विद्यापति ने बताया कि हमें उनका किसी भी तरह का इलाज करने से पहले उनकी स्थिति समझनी जरूरी है। रिपोर्ट आने के बाद ही हम कह सकते हैं कि स्थिति पहले जैसी है या कुछ बदलाव है।

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