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गंगा में हादसा:नियम तोड़ साहेबगंज से अंधेरे में चला ओवरलोड ट्रकों से लदा जहाज गंगा में पलटा, झारखंड के दो लोगों समेत 11 लापता

साहिबगंज8 महीने पहले
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अंधेरे और सर्दी के चलते रेस्क्यू टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। - Dainik Bhaskar
अंधेरे और सर्दी के चलते रेस्क्यू टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • शाम 5 बजे तक ही जहाज चलाने का नियम, लेकिन 6 बजे के बाद चला
  • मानिक चौक पर लंगर डालते समय जहाज तकनीकी खराबी से एक तरफ झुक गया था
  • जहाज में लदे ट्रकों पर कम से कम 20 लोग सवार थे, सभी ड्राइवर और क्लीनर थे

राजमहल से मानिकचक के बीच चलनेवाला मालवाहक जहाज सोमवार रात 8 बजे पश्चिम बंगाल के मानिकचक घाट पर पलट गया। इससे जहाज पर लदे 9 ट्रकाें में से 8 ट्रक गंगा में समा गए। वहीं एक ट्रक क्षतिग्रस्त हाे गया। राजमहल से जो ट्रक लोड किए गए थे, उस पर ड्राइवर और खलासी को मिलाकर लगभग 20 लोग सवार थे। इनमें 5 ड्राइवर 4 खलासी लोगों को अब तक बचाया जा चुका है। जबकि झारखंड के दो लोगों समेत 11 लोगों के डूबने की आशंका है।

घटना के पीछे नियम की अनदेखी करते हुए अंधेरे में जहाज चलाने की भी बात सामने आ रही है। वहीं ओवरलोड करने का भी मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ट्रकों को जहाज पर इस तरह से कतार में लगाया जाता है कि संतुलन बना रहे। लेकिन इस बार जहाज पर ट्रकों को एक तरफ ही खड़ा कर दिया गया था। उतारने के दौरान ट्रकों का लोड एक तरफ अधिक हो गया जिससे यह हादसा हुआ।

जहाज के एक तरफ झुकने के बाद उस पर लोड किए गए 8 ट्रक गंगा नदी में डूब गए।
जहाज के एक तरफ झुकने के बाद उस पर लोड किए गए 8 ट्रक गंगा नदी में डूब गए।

ये 3 बड़े सवाल

  1. शाम पांच बजे तक ही जहाज चलाने का नियम है तो शाम छह बजे के बाद कैसे रवाना किया गया? कहीं अवैध पत्थर माफिया की मिलीभगत तो नहीं?
  2. डीसी ने कहा कि एसडीओ ने बताया है कि चार बजे जहाज रवाना हुआ। ऐसे में सवाल यह है कि मानिकचक घाट पहुंचने में रात आठ कैसे बज गए? जबकि रास्ता दो घंटे से कम का है?
  3. रात 12 बजे तक प्रशासन कुछ भी स्पष्ट जानकारी देने से क्यों करता रहा इनकार?

जिम्मेवार मौन, अंधेरे व अधिक गहराई से राहत कार्य प्रभावित

घटना कब, क्यों और कैसे हुई, इस बारे में जिम्मेवार या तो मौन हैं या फिर अलग-अलग दलील दे रहे हैं। इसका असर बचाव कार्य भी पड़ा। शुुरुआत में कहा गया कि कोई हताहत नहीं हुआ है। जबकि एनडीआरएफ टीम के पहुंचने के बाद 11 लोगों के लापता होने की बात सामने आई। रात दो बजे तक बचाव कार्य जारी था।

मालदा प्रशासन से रिपाेर्ट मांगेंगे, टाइमिंग की जांच हाेगी

घटना बंगाल में हुई है। काेई कंफर्म सूचना नहीं है कि फेरी कितने बजे रवाना हुई है। बंदाेबस्ती मालदा से हाेती है, मालदा डीएम करते हैं। क्याेंकि राजमहल में गंगा रिवर का अधिकांश भाग बंगाल में ही आताहै। हमारे यहां से वाे कब निकली थी, यह क्लीयर नहीं है। फिलहाल एसडीओ का कहना है कि हमार यहां से शाम चार बजे जहाज रवाना हो चुका था। रिपाेर्ट एक बार देखने पर पता चल पाएगा। इसकी जांच कराएंगे। - रामनिवास यादव, डीसी

किसके इशारे पर रात में चला जहाज, जांच हो : अनंत ओझा

​​​​​​​राजमहल के विधायक अनंत ओझा ने फेरी डूबने की घटना पर सवाल उठाया है। कहा है कि इस बात की जांच हाे कि किसके इशारे पर नियम ताेड़ कर मालवाहक जहाज रात में चलाया गया। नियम शाम पांच बजे के बाद नहीं चलाने का है, इसके बावजूद अंधेरा हाेने के बाद राजमहल से भेजा गया।

2019 में भी समदा घाट पर हुआ था ऐसा ही हादसा

साहिबगंज जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत समदा घाट पर 4 नवंबर, 2019 की अहले सुबह 8 हाइवा लोडिंग के क्रम में एलसीटी एक किनारे झुक गई थी। इसमें 4 हाइवा पलट कर गंगा में समा गए थे। जबकि चार हाईवा एलसीटी पर ही पलट गए थे।