झारखंड में दल-बदल के मामले पर हुई सुनवाई:राजकुमार यादव और बाबूलाल मरांडी ने रखा पक्ष, झाविमो के विलय को दी गई है चुनौती

रांची3 महीने पहले
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झारखंड विधानसभा। - Dainik Bhaskar
झारखंड विधानसभा।

झारखंड में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के दल-बदल मामले की शुक्रवार को स्पीकर न्यायाधिकरण में सुनवाई हुई। बाबूलाल मरांडी के खिलाफ शिकायत करने वाले पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि उन्होंने अपना लिखित पक्ष न्यायाधिकरण को दे दिया है। झारखंड विकास मोर्चा यानी झाविमो का भाजपा में विलय पूरी तरह से गलत है। वह झाविमो के सिंबल पर चुनाव जीते हैं। यह संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल का मामला बनता है। इसलिए बाबूलाल मरांडी की विधानसभा सदस्यता रद की जानी चाहिए।

पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने यह भी कहा कि राजधनवार विधानसभा क्षेत्र के लोगों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने झाविमो के चुनाव सिंबल पर प्रत्याशी को विजयी बनाया था। उन्हें झाविमो से उम्मीदें थी, लेकिन 11 फरवरी 2020 को झाविमो का विलय भाजपा में कर दिया गया।

राजकुमार यादव का लिखित आवेदन रद करने की मांग
उधर, विधायक बाबूलाल मरांडी के अधिवक्ता ने कहा कि पूर्व विधायक राजकुमार यादव के लिखित आवेदन को रद्द कर देना चाहिए। सुनवाई के दौरान वकील के इस बयान पर राजकुमार यादव ने विरोध किया। वहीं, झामुमो विधायक भूषण तिर्की ने बाबूलाल मरांडी पर मामला लटकाने का आरोप लगाया। इस पर बाबूलाल मरांडी के वकील ने इसका प्रतिकार किया। स्पीकर न्यायाधिकरण की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी। इस मामले में वर्चुअल सुनवाई हुई।