डॉ. समीर से रंगदारी मांगने के आरोप पर सफाई:यूपी का कुख्यात शूटर अमन सिंह बोला; आरोप झूठे, डॉक्टर भगवान होते हैं, मुझे UP भेजें

धनबाद5 महीने पहले
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कोर्ट पहुंचे आरोपी। - Dainik Bhaskar
कोर्ट पहुंचे आरोपी।

झारखंड के धनबाद में चिकित्सक डॉ. समीर कुमार से रंगदारी मांगने के मामले में UP के कुख्यात शूटर अमन सिंह ने अपनी सफाई दी है। अमन ने दावा किया कि मेरे खिलाफ झूठ बोलकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। डॉक्टर भगवान होता है। उससे रंगदारी मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता। अमन ने कहा कि हमको यहां का प्रशासन मरवा देगा। हमको यहां नहीं रहना है। मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। हमें यूपी भेज दें। आप जो बोलेंगे, हम करने के लिए तैयार हैं। आरोपी ने कहा कि मेरे विषय में अखबारों में छप रहा है कि डॉक्टर समीर से रंगदारी मांगा। जिस दिन की यह घटना बताई जा रही है हम उस दिन जेल के हॉस्पिटल में भर्ती थे। इलाज करा रहे थे। कहा कि यहां का प्रशासन और हमको नहीं छोड़ेंगे। हमको यहां से भेज दिया जाए। शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के दौरान यूपी के कुख्यात शूटर अमन सिंह ने अदालत में यह बात कहीं। आरोपियों की प्रार्थना पर नीरज हत्याकांड के सभी आरोपियों को सदेह अदालत में पेश कराया गया था। मीडिया से बातचीत करते हुए अमन सिंह ने कहा कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी और बच्चा सिंह लोग मेरी हत्या कराना चाहते हैं।

कोर्ट में भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे आरोपी
कोर्ट में भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे आरोपी

नहीं हो सका सफाई बयान दर्ज
नीरज हत्याकांड में बीते 5 वर्षों से जेल में बंद झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत अन्य आरोपियों का सफाई बयान दर्ज नहीं किया जा सका । हालांकि सुनवाई के दौरान कांड के नामजद अभियुक्त संजय सिंह एवं विनोद सिंह ने अदालत में आवेदन दायर कर समय की याचना की। कोर्ट को दिए आवेदन को संचालित करते हुए अधिवक्ता मोहम्मद जावेद एवं पंकज प्रसाद ने कहा कि दोनों आरोपी अदालत द्वारा पारित 2 मई के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे । लिहाजा उच्च न्यायालय का आदेश प्राप्त करने तक उन्हें समय प्रदान किया जाए ।संजय, विनोद के उक्त आवेदन का अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा ने पुरजोर विरोध किया और कहा कि अब बचाव पक्ष केवल मामले को लंबा खींचना चाह रहा है इसलिए उन्हें समय नहीं दिया जाना चाहिए । सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों के समय आवेदन को स्वीकार किया और सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित कर दी है। बताते हैं कि 25 अप्रैल को संजीव सिंह संजीव सिंह ,पंकज सिंह ,एवं डब्ल्यू मिश्रा, ने जबकि 27 अप्रैल को अमन सिंह ,सागर सिंह, संजय सिंह, कुर्बान अली, विनोद सिंह,धनजी सिंह ने अभियुक्तों से पूछे जाने वाले प्रश्नों की पूरी सूची उपलब्ध कराने की याचना की थी जिसे अदालत ने 2 मई को खारिज कर दिया था और प्रश्नों की सूची सौंपने से इनकार किया था तथा आज की तारीख अभियुक्तों का सफाई बयान दर्ज करने के लिए निर्धारित किया था।

पेशी में जाते आरोपी।
पेशी में जाते आरोपी।

अभिषेक के आवेदन पर बहस
दूसरी ओर सुनवाई के दौरान सूचक अभिषेक सिंह की ओर से दो मई को दायर आवेदन का प्रत्युत्तर दाखिल कर पूर्व विधायक संजीव के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सेशन कोर्ट में विचाराधीन मामले में सूचक की ओर से निजी अधिवक्ता कोर्ट में दलील नहीं दे सकते केवल अभियोजन की सहायता कर सकते हैं। इस बाबत पूर्व विधायक संजीव सिंह की ओर से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जेके इंटरनेशनल एवं शिवकुमार रेखा मुरक्का वर्ष में पारित निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के तीन बेंच की खंडपीठ ने सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय मुकदमों में निजी अधिवक्ताओं के सीधे प्रतिनिधित्व पर रोक लगाई है और कहा है कि उनकी कोई अथारिटी नहीं होती है। केवल अभियोजन का संचालन कर रहे अपर लोक अभियोजक का सहयोग कर सकते हैं ।जिसका सूचक के अधिवक्ता ने पुरजोर विरोध किया।

दिनदहाड़े हुई थी हत्या
21 मार्च 2017 के संध्या 7 बजे नीरज सिंह अपने फॉच्यूनर कार जेएच10एआर-4500 से सरायढ़ेला स्थित अपने आवास रघुकुल लौट रहे थे। वह ड्राईवार के साथ आगे सीट पर बैठे थे। पीछे के सीट पर उनका सहायक सरायढ़ेला न्यू कॉलोनी निवासी अशोक यादव और निजी अंगरक्षक मुन्ना तिवारी बैठे थे। स्टील गेट के पास बने स्पीड ब्रेकर पर नीरज की गाड़ी की रफ्तार कम होते ही दो बाईक पर सवार कम से कम 4 हमलावरों ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद कार पर गोलियों की बरसात कर दी गई। चारों तरफ से 9 एमएम की पिस्टल और कारबाईन से 50 से अधिक राउंड फायरिंग की गई। घटना के बाद आसपास के इलाकों में भगदड मच गयी थी। गाड़ी में सवार अशोक यादव, मुन्ना तिवारी और ड्राईवर घलटू महतो और नीरज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी।