भास्कर ​​​​​​​एक्सक्लूिसव:आईसीएसई स्कूलों में शुरू होगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व रोबोटिक्स की पढ़ाई

मेदिनीनगर2 महीने पहले
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के आई हब फाउंडेशन फॉर कोबोटिक्स (आईएचएफसी) व टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब(टीआईएच) ने काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस ( सीआईएससीई) के साथ करार किया है।

इसके तहत सीआईएससीई बोर्ड द्वारा देश के अनुबंधित स्कूलों के लिए आईआईटी दिल्ली रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसका पाठ्यक्रम तैयार करेगी।

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) भारतीय सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आइसीएसई) के नाम से एक परीक्षा आयोजित करता है। परिषद भारत में 10वीं कक्षा तक एक गैर-सरकारी शिक्षा बोर्ड है और 10 वीं कक्षा के बाद, आइसीएसई ,आइएससी बन जाता है। इस बोर्ड से जुड़े देश व विदेश के 1000 से अधिक स्कूल जुड़े हैं, जिसमें मेदिनीनगर का सेक्रेड हार्ट स्कूल भी एक है।

विज्ञान, तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक व गणित में तैयार कोर्सों को नई शिक्षा नीति से जोड़कर पेश करने का ऑफर

आईआईटी दिल्ली तैयार करेगा इन विषयों का पाठ्यक्रम
आईआईटी दिल्ली के आईएचएफसी द्वारा सीआईएससीई को 21वीं सदी के कौशल को मजबूत करने के लिए पाठ्यक्रम बनाने में मदद की जाएगी। इसके लिए छात्रों के लिए नई शिक्षा नीति के पहलुओं को तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा आईएचएफसी ने सीआईएससीई को विज्ञान, तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक और गणित में तैयार कोर्सों को नई शिक्षा नीति 2020 से जोड़कर पेश करने का ऑफर दिया है। इन पाठ्यक्रमों के आधार पर बच्चों को एआई और रोबोटिक्स विषय की शिक्षा प्रदान की जाएगी।

देश में 2700 स्कूलों में शुरू होंगे रोबोटिक्स और एआई कोर्स
सीआईएससीई से संबद्ध देश के 2700 स्कूलों में नए पाठ्यक्रम के दिशा निर्देश और लागू करने के तरीके को आईएचएफसी साझा करेगा। सीआईएससीई के एक अधिकारी के मुताबिक,सीआईएससीई ने हमेशा छात्रों को विषयों, शिक्षा विविधता, अपनी क्षमताओं और पसंद के विषय चुनने की छूट दी है।

सीआईएससीई 9वीं-10वीं व 11वीं-12वीं कक्षा के छात्रों के लिए रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विषयों को लांच करेगा। जिससे उन्हें आगे भविष्य में और बेहतर अवसर मिल सके।

जानें क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पाठ्यक्रम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अर्थ है- एक मशीन में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंप्यूटर साइंस का सबसे उन्नत रूप माना जाता है और इसमें एक ऐसा दिमाग बनाया जाता है,

जिसमें कंप्यूटर सोच सके...कंप्यूटर का ऐसा दिमाग, जो इंसानों की तरह सोच सके। इसके जरिये कंप्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है, जिसे उन्हीं तर्कों के आधार पर चलाने का प्रयास किया जाता है, जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क काम करता है।

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