बैक टू स्कूल अभियान:राज्यभर में पहले स्थान पर होकर भी पलामू लक्ष्य से दूर, अबतक जिले के सरकारी स्कूलों में 42,843 छात्रों का नामांकन

मेदनीनगर2 महीने पहलेलेखक: श्याम किशोर पाठक
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स्कूल जाते बच्चे। - Dainik Bhaskar
स्कूल जाते बच्चे।

बैक टू स्कूल अभियान का निर्धारित समय समाप्त हो गया। मगर जिस उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत की गई थी, एक महीने की मियाद पूरा होने के बाद भी ड्रॉप आउट और स्कूल से दूर हो गए छात्रों के स्कूल वापसी को लेकर कहीं कोई कारगर प्रयास नहीं हुआ।

नतीजा यह निकला कि शत-प्रतिशत बच्चों के स्कूल वापसी के अचीवमेंट की जगह नए नामांकित बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन भी पूरा नहीं हो सका।

उल्लेखनीय है कि इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यों के साथ स्कूलों को 11 अप्रैल से लेकर 4 मई तक प्रतिदिन बच्चों के नामांकन संबंधी रिपोर्ट भी समर्पित करना था, मगर पिछले 23 दिन के इस स्कूल वापसी और नामांकन के लिए चलाए गए अभियान में एक दिन भी ऐसा नहीं हुआ।

जब सभी 2564 स्कूलों ने अपना प्रतिवेदन समर्पित किया हो। ऐसी स्थिति में यह निर्णय लिया गया कि आगे जब तक सभी स्कूलों का प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हो जाता, गूगल फॉर्म भरवाने का काम चलता रहेगा।

अभियान के तहत हर दिन भरे जाने वाले गूगल फॉर्म के हिसाब से अभियान के अंतिम दिन यानी बुधवार 4 मई को पूरे राज्य में पहले स्थान पर होकर भी पलामू से 2564 स्कूल में से 1186 स्कूलों ने ही अपना प्रतिवेदन समर्पित किया, जो केवल 46 प्रतिशत ही रहा।

वैसे कुल मिलाकर पलामू में इन 23 दिनों के दौरान 1858 स्कूलों द्वारा किसी न किसी दिन यह प्रतिवेदन भरा गया। जिस कारण अभी तक कुल 72 प्रतिशत स्कूलों द्वारा अपना प्रतिवेदन जमा किया गया है। लेकिन अब भी 606 विद्यालयों द्वारा फॉर्म भरा ही नहीं गया है।

जिला के अधिकारियों को 50,000 छात्रों के नामांकन की है उम्मीद

इसके बावजूद कि लक्ष्य के अनुरूप ड्रॉप आउट और नए नामांकन वाले बच्चों का नामांकन नहीं हो पाया है। पलामू में अब तक 42,843 छात्रों का नामांकन किया जा सका है।

ऐसी स्थिति में अभी तक प्रतिवेदन समर्पित नहीं करने वाले 600 विद्यालयों द्वारा सूची उपलब्ध कराए जाने और अगले कुछ और दिनों में नामांकन की प्रक्रिया जारी रहने पर पलामू में करीब 50,000 नए और ड्रॉप आउट बच्चों के नामांकन की उम्मीद है।

प्रतिवेदन नहीं समर्पित करने वालों पर की जाएगी कार्रवाई : डीईओ

डीईओ ने कहा कि कैंपेन के तहत बच्चों की उपस्थिति व नए नामांकन से संबंधित पूरी जानकारी गूगल फॉर्म में भरना है। लेकिन 23 दिनों में किसी भी दिन शतप्रतिशत स्कूलों द्वारा प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया।

आखिरी दिन 4 मई को भी 2564 विद्यालय में मात्र 1186 विद्यालय अर्थात 46 प्रतिशत स्कूलों ने ही इसकी जानकारी दी। जो स्कूल प्रतिवेदन समर्पित नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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