रंगदारी मांगने का मामला:गैंगस्टर अमन मेदिनीनगर जेल में शिफ्ट दो माह में दूसरी बार बदला ठिकाना

मेदिनीनगर14 दिन पहले
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गैंगस्टर अमन साहू को मेदिनीनगर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है। शनिवार की रात कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच अमन साहू सिमडेगा जेल से पलामू लाया गया। अमन साहू पर राज्य भर के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी,आर्म्स एक्ट से संबंधित 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के थाना में भी कोयला व्यवसायी से रंगदारी मांगने का मामला दर्ज है।

कोयलांचल का यह डॉन जेल के अंदर से भी अपने गैंग को चला रहा है। उस पर लगाम लगाने के लिए दो माह से भी कम समय में उसे राज्य के दो जेलों में शिफ्ट करना पड़ा है। गिरिडीह जेल में बंद रहते हुए 20 जुलाई को गिरिडीह जेल के जेलर प्रमोद कुमार पर अमन साहू ने जानलेवा हमला कराया था।

जेलर प्रमोद जब कोर्ट जा रहे थे उसी वक्त उन्हें निशाना बनाकर तीन गोली चलाई गई थी। इसमें वे बाल बाल बच गए थे। इस घटना के बाद 23 जुलाई को गिरिडीह जेल से अपराधी अमन को सिमडेगा जेल भेज दिया गया। सुरक्षा कारणों से सिमडेगा जेल में उसे नहीं रखने का फैसला लिया गया। इसके बाद 17 सितम्बर को डालटनगंज सेंट्रल जेल में शिफ्ट हुआ।

पुलिस के लिए है सबसे बड़ी चुनौती,पलामू में न पसारे पैर
अमन साहू भले ही सलाखों के पीछे हो लेकिन उसके गैंग के सदस्य अमन के एक इशारे पर राज्य में कहीं भी आपराधिक वारदात को अंजाम दे देते हैं। जेल में रहते हुए ही अमन साहू ने पलामू में रंगदारी के लिए रेलवे की थर्ड लाइन बनाने वाली कम्पनी पर गोलीबारी कराया था। पिछले वर्ष नौ जुलाई को मोहम्मदगंज में अशोका बिल्डकॉन के कैम्प कार्यालय पर अमन साहू के गुर्गों ने गोली चलाकर दहशत फैला दिया था।

अमन साहू के पलामू आने के बाद पुलिस को विशेष चौकसी बरतनी होगी कि कहीं वह पलामू में अपने पैर मजबूत न कर ले। क्योंकि शहर के बारालोटा का रहने वाला हरि तिवारी जो कभी सुजीत सिन्हा का राइट हैंड था वह फिलहाल अमन साहू के साथ है। फिलहाल अपराधी हरि हजारीबाग जेल में बन्द है।हरि तिवारी ने ही मोहम्मदगंज में अशोका बिल्डकॉन के कैम्प कार्यालय पर हमले के लिए अमन साहू को गुर्गे उपलब्ध कराए थे।

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