किचन का बजट गड़बड़ाया:16 माह में 9 बार बढ़े रसोई गैस के दाम, 2 माह में प्रति सिलेंडर 100 की वृद्धि

रामगढ़2 महीने पहलेलेखक: शंकर कुमार देवघरिया
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महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के नाम पर केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त पहल पर जिले के 92 हजार महिलाओं को पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी उज्जवला योजना का लाभ तो मिला। लेकिन 16 माह में घरेलू रसोई गैस प्रति सिलेंडर 751.50 रुपये से बढ़कर 1057 रुपये प्रति सिलेंडर हो जाने के बाद गृहिणियों के किचन का बजट गड़बड़ाने लगा है।

दो माह के अंतराल में सौ रुपये प्रति सिलेंडर रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद अब महिलाएं बचत के लिए एक ओर महिलाएं दाल में आलू उबाल रही हैं। वहीं दूसरी ओर दो-तीन सब्जियों के बजाय एक से ही काम चला रही हैं। वहीं कॉमर्शियल गैस के 19 केजी सिलेंडर का दाम एक वर्ष में लगभग आठ सौ रुपये बढ़ने के बाद होटल संचालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिले में उज्ज्वला के 92 हजार लाभुक सिर्फ 20 प्रतिशत ही कराते हैं रिफिल
जिले के पंद्रह गैस वितरकों के माध्यम से जिले में 92 हजार महिला लाभुकों को उज्जवला योजना के तहत नि:शुल्क गैस सिलेंडर सरकार ने उपलब्ध कराया है। लेकिन कोरोना काल में तीन-चार माह तक नि:शुल्क गैस सिलेंडर मिलने के बाद दो हजार से ज्यादा लाभुकों ने गैस सिलेंडर को दोबारा रिफिल तक नहीं कराया है।

वहीं अभी वर्तमान में रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद मात्र बीस प्रतिशत उज्जवला के लाभुक ही गैस रिफिल कराते हैं। अन्य लाभुक योजना का लाभ लेने के बावजूद महंगाई के कारण कोयला व लकड़ी खाना बनाने के उपयोग में लाते हैं। जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जिले में पूरी तरह फेल होती नजर आ रही है।

19 केजी कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम बाजार में 2505 रुपये

होटल व रेस्टारेंट सहित फैक्ट्रियों में उपयोग कामर्शियल गैस सिलेंडर 19 केजी का दाम अप्रैल 2021 में 1767.50 रुपये था। लेकिन एक वर्ष में कामर्शियल सिलेंडर के दाम में आठ सौ रुपये बढ़ोत्तरी होने के बाद अब 2505 रुपये हो गये हैं।

जिसके कारण होटल व रेस्टारेंट सहित फैक्ट्रियों के संचालक कामर्शियल गैस सिलेंडर के बजाय चोरी-छिपे घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का ही उपयोग कर रहे हैं।

जबकि रेगुलर कस्टमर प्रभावित ना हो, इसके लिए गैस वितरकों द्वारा उन्हें सौ रुपये छूट तक का प्रलोभन दिया जा रहा है। इसके बावजूद ज्यादा महंगा होने के कारण उक्त सिलेंडर का उपयोग करने में होटल व रेस्टोरेंट संचालक आनकानी कर रहे हैं।​​​​​​​

महंगाई के कारण जीना मुहाल हो गया है
रसोई गैस के मूल्य में बढ़ोत्तरी होने के बाद महिलाओं में सरकार के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। महिलाओं ने कहा कि सोलह माह में तीन सौ रुपये तक सिलेंडर के दाम बढ़ाये जाने से किचन का बजट गड़बड़ाने लगा है।

इस संबंध में गृहिणी बबीता शर्मा, प्रतिमा कुमारी, चितरपुर प्रखंड के लारी निवासी सुनीता देवी और उषा देवी ने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर का मूल्य सहित महंगाई नियंत्रण में सरकार विफल साबित हो रही है। कमरतोड़ महंगाई में लोगों का जीना बेहाल हो गया है। बचत की दृष्टि से दाल में आलू उबालना पड़ता है। दो-तीन सब्जियों के बजाय एक ही से काम चलाना पड़ रहा है। ​​​​​​​

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