ग्राम विकास कार्यक्रम:वी भागैय्या ने कहा- जीवन जीने की कला है हिंदू धर्म, हम सभी प्रकृति के उपासक

पतरातू11 दिन पहले
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आर एस एस के चिंतन बैठक में पहुंचे सह सर कार्यवाहक वी भागैय्या। - Dainik Bhaskar
आर एस एस के चिंतन बैठक में पहुंचे सह सर कार्यवाहक वी भागैय्या।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पतरातू में आयोजित अखिल भारतीय गो सेवा और ग्राम विकास कार्यक्रम के दौरान संघ के सह सर संघचालक वी भागैय्या रविवार को पतरातू पहुंचे। जिसका कार्यक्रम पतरातू के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सिद्धि टेक प्रांगण में चल रहा है। इसी दौरान रविवार को पतरातू के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कार्यक्रम हुआ। जिसमें रामगढ़ जिले के एक हजार से अधिक स्वयंसेवक और विभिन्न अनुषांगिक संगठन से जुड़े लोग शामिल हुए। इस मौके पर वी भागैय्या ने कहा कि समाज में संघ के प्रति अलग-अलग बातें होती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही देशभक्ति और निस्वार्थ भाव सिखाता है।

संघ के अलावा कई ऐसे संगठन हैं जो इन बातों को प्रमुखता से रखती है। लेकिन संघ की खासियत इसलिए भी अधिक है कि यहां अनुशासन महत्वपूर्ण है। हमारी सोच होती है कि हम तभी किसी को जगह सकते हैं जब हम खुद जागे हुए रहेंगे। अखंड भारत का सपना हम सबों का है। 1925 में संघ की स्थापना हुई। यह स्थापना और 25 वर्ष पूर्व हुई होती तो भारत कभी खंडित नहीं होता। संघ की स्थापना भगवान बिरसा मुंडा, महर्षि अरविंदो, स्वामी विवेकानंद, रानी गाईडल्यू, वीर सावरकर, सुभाष चंद्र बोस, गंगाधर तिलक सहित कई राष्ट्र भक्तों के सपनों को पूरा करने और इस राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए हुआ है।

हमारी वेशभूषा और भाषाएं जरूर अलग हो सकते हैं लेकिन हमारे आराध्य एक हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म जीवन जीने की कला है। हम सभी प्रकृति के उपासक हैं और प्रकृति की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश के 44 प्रांतों से 144 पदाधिकारी शामिल हुए हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय और सह सरकार्यवाह वी भागैय्या मुख्य रूप से उपस्थित हुए। बताया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य है की वर्तमान समय में किस तरह गांव और पर्यावरण को संरक्षित किया जाए। इस दौरान अतिथियों ने पौधारोपण भी किया।

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