धान की जांच:327 में से 317 क्विंटल धान छत्तीसगढ़ के मिल ने लौटाया

बानो3 महीने पहले
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  • हुरदा लैम्पस को 50 हजार रुपए की क्षति

प्रखंड के हुरदा लैम्पस से छत्तीसगढ़ के कांसाबेल स्थित वर्धमान राइस मिल में भेजा गया धान बिना कारण बताए वापस लौटा दिया गया है। बताया गया कि 4 अगस्त को 327.66 क्विंटल धान भेजा गया था। मिल का चयन सिमडेगा की आपूर्ति शाखा द्वारा किया गया था।

इधर मिलर के द्वारा लगभग 10 क्विंटल धान उतारने के बाद बाकी धान को वापस कर दिया गया है। बताया गया कि खरीफ विपणन मौसम 2020- 21 में केंद्र के द्वारा कुल 181 किसानों से 8582. 25 क्विंटल धान की खरीद की गई है। जिसमें से 8477. 87 क्विंटल धान विभाग द्वारा चयनित मिल में भेजा जा चुका है। मिलर द्वारा कुल 28 ट्रक धान स्वीकार किया गया। अंतिम 29 वें ट्रक से लगभग 10 क्विंटल धान उतारने के बाद बिना लिखित कारण के धान वापस भेज दिया गया है।

इधर ड्राइवर से प्राप्त कांटा स्लिप के अनुसार ट्रक वर्धमान राइस मिल जाने के बजाय परिवहन खर्च बचाने के लिए हेमराज राइस मिल, रांची में खाली किया जा रहा था। केंद्र के प्रभारी सचिव फनीन्द्र साहू ने बताया कि ऐसी घटना पहली बार हुई है। धान वापस भेजे जाने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। मिलर से फोन पर बात करने पर कहा गया कि धान खराब है। जबकि वापसी के बाद धान की जांच की गई और उसे अच्छी क्वालिटी का पाया गया।

धान उतारने- चढ़ाने वाले मजदूरों का भुगतान केंद्र द्वारा किया जाता है। जिसका 22 हजार रुपए बकाया है। मिल मालिक के द्वारा यह राशि नहीं दी जा रही है। धान ले जानेवाली गाड़ी का किराया भी लैम्पस को ही भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है। यह भी कहा गया कि धान के बोरे फाड़ दिए गए हैं। कहा गया कि हुरदा लैम्पस को लगभग 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। इधर मुखिया अमरेंद्र जोजो की देखरेख में मिलर द्वारा लौटाए गए धान को उतारा गया।

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