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मिसाल :खैनी बेचने वाले वृद्ध के दाह संस्कार में नहीं आए परिजन, पड़ाेसी ने दी मुखाग्नि

बरवाडीहएक महीने पहले
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  • जब अपने हुए बेगाने तो समाज ने निभाया अपना धर्म, थाना प्रभारी ने कहा- बरवाडीह के लोगों ने दिखाया आपसी सौहार्द्र
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रिश्तों का निर्वहन करने में जब अपने पीछे हट जाएं तो समाज अपना मानव धर्म निभाने की लगातार मिसाल पेश करता रहा है। कुछ ऐसा ही वाकया बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत प्राचीन पहाड़ी मंदिर के तराई में बसे पहड़तल्ली मोहल्ला में देखने को मिला। यहां रविवार को खैनी बेचने वाले 75 वर्षीय वृद्ध विष्णुदेव ठाकुर की मौत हो गई। वे पहड़तल्ली में अकेले रहते थे। विष्णुदेव ठाकुर मूल रूप से बिहार के रहनेवाले थे। उनके सभी परिजन भी बिहार में रहते हैं। जब पड़ोसियों ने विष्णुदेव के निधन की जानकारी उनके परिजनों को दी तो परिवारवालों ने बिहार से आने से साफ इनकार कर दिया। ऐसा देख मोहल्लेवासियों ने इसकी सूचना बरवाडीह थाना प्रभारी दिनेश कुमार को दी।

थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पहड़तल्ली के रहनेवाले लोगों ने प्रशासन से दाह संस्कार करने की अनुमति मांगी, जिसपर प्रशासन ने दाह संस्कार की अनुमति दे दी। विष्णुदेव ठाकुर के पड़ोसी और उन्हें चाचा कहनेवाले गौरव यादव उर्फ झाऊल ने मानवता का परिचय देते हुए अन्य युवकों के साथ मिलकर उनके शव को कंधा दिया और पूरे हिंदू रीति-रिवाज से आदर्श नगर शवदाह गृह में उनके शव का अंतिम संस्कार भी किया। पंडित गिरधारी मिश्रा द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों केे बीच गौरव यादव ने दिवंगत वृद्ध विष्णुदेव ठाकुर को मुखाग्नि देकर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। मौके पर गोपाल राजवंशी, फिरोज अहमद, रामजी सिंह, निरजन सिंह, शनि कुमार रावत, अखिलेश कुमार, बुधराम, राजन कुमार, अमित कुमार, विवेक कुमार, शुभम कुमार सिंह (झम्पू), प्रवेश कुमार, शशिकांत मंडल समेत कई लोग मौजूद थे।

जिन्हें बचपन से चाचा कहा, उन्हें मुखाग्नि देने का मिला सौभाग्य : गौरव यादव
दाह संस्कार के दौरान मृतक को मुखाग्नि देनेवाले पड़ोसी गौरव यादव ने कहा हमारे बरवाडीह प्रखंड में निवास करनेवाले हर धर्म के लोगों ने जरूरत पड़ने पर हमेशा एकता का परिचय दिया है। यह आज भी देखने को मिला है। गौरव ने मर्माहत होते हुए कहा कि बचपन से ही मैंने विष्णुदेव ठाकुर को चाचाजी कहकर पुकारता था तो भगवान ने मुझे उनके अंतिम समय में उनका दाह संस्कार करने का सौभाग्य भी दिया, यह मेरे जीवन का अविस्मरणीय क्षण है।

शवयात्रा में मुस्लिम भाई भी शामिल
इस दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी देखने को मिली। शवयात्रा में हिंदू समुदाय के अलावा मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोग भी शामिल हुए। सभी लोगों ने दिवंगत विष्णुदेव ठाकुर के दाह संस्कार में अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग भी किया। मौके पर मौजूद बरवाडीह थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने मोहल्लेवासियों के इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि हमारे समाज में आज भी आपसी भाईचारा और एकता कायम है, जिसकी मिसाल बरवाडीह में देखने को मिली है। 

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