लापरवाही:बोलबा : मुखिया के गांव में ही दो साल से अधूरा पड़ा है मोरम पथ

बोलबाएक वर्ष पहले
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  • समसेरा बखरी जीतिया टोली से स्कूल घर तक 4.31 लाख रुपए में बनने वाले मोरम पथ पर 2.31 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं

प्रखंड में कई मनरेगा योजनाओं की प्रगति बहुत धीमी है। मुखिया, पंचायत सेवक एवं अन्य कई मनरेगा कर्मी मनरेगा योजनाओं को ससमय गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं करा पा रहे हैं। खुद जनप्रतिनिधियों के अपने गांव में भी योजना अधर में होने के उदाहरण मिल रहे हैं। योजना अधूरी पड़ी रहती है।

हालत यह है कि समसेरा पंचायत के मुखिया और बीएफटी अपने समसेरा गांव में दो साल में एक किलोमीटर गुणवत्तापूर्ण मोरम पथ बनाने में सफल नहीं हो सके। समसेरा बखरी जीतिया टोली से स्कूल  तक 2018-19 से ही एक कि मी मोरम पथ बन रहा है। लगभग 4.31 लाख की प्राक्कलित राशि से बनने वाले इस पथ में सरकार के 2.31 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। 

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