निर्माण कार्य बंद कराया:चैनपुर में सड़क निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का विरोध

चैनपुर16 दिन पहले
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सड़क का निरीक्षण करते विधायक प्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar
सड़क का निरीक्षण करते विधायक प्रतिनिधि।
  • रामपुर से कटकाही होते जैरागी तक 22 किमी सड़क का निर्माण स्वीकृत, 33 करोड़ रुपए की लागत आएगी

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क में मानकों की अनदेखी व संवेदक द्वारा बरती जा रही अनियमितता का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य को शुक्रवार को बंद करा दिया। चैनपुर के रामपुर से कटकाही होते हुए जैरागी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण स्वीकृत हुआ है। इसके निर्माण के लिए लगभग 33 करोड़ रुपए की लागत है। सड़क निर्माण का कार्य अल्टिमा कंपनी को दी गई है।

अल्टिमा कंपनी द्वारा सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। संवेदक द्वारा सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी और भारी अनियमितता बरतने, निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जाने को लेकर शुक्रवार को कटकाही, छिछवानी, सुखड़ी गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने बरती जा रही अनियमितता का विरोध करते हुए सड़क निर्माण कार्य को बंद करा दिया। सड़क निर्माण में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया गया है इस बात की पुष्टि बनते के साथ उखड़ रही सड़क बॉर्डर छोड़ रही कोलतार कर रही हैं।

गांव के फादर मारियानुस, प्रभात टोप्पो, नोवल, पीयूष, करोबीन, कालाबेर, संजय बरथोलोमी,संजू, निरोज, प्रभात भूषण, मनोज, कमिल, अनुज, अनूप, एकरम, नवीन, दीपक, दिलीप एक्का, शोषण मिंज सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने कहा कि संवेदक विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर घटिया सड़क का निर्माण करा रहा है। सड़क निर्माण में खराब सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वही ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक प्रतिनिधि सह जेएमएम जिला उपाध्यक्ष सुशील दीपक मिंज ने सड़क निर्माण कार्य में हो रही अनियमित को गंभीरता से लिया। स्वयं सड़क निर्माण कार्य स्थल पर पहुंच मानक के अनुरूप हो रहे घाटियां निर्माण कार्य की निंदा करते हुए ग्रामीणों को जब तक गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा शुरू नहीं किया जाता है तब तक निर्माण कार्य को रोक कर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक दशक बाद रामपुर से कटकाही होते हुए जैरागी तक सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। उसमें भी ठेकेदार द्वारा मानकों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का आक्रोशित होना जायजा है। जहां वे एक दशक से गड्ढों भरे उबड़-खाबड़ मार्ग पर प्रतिदिन आवागमन करने मजबूर थे।

उखड़ती सड़क को देख ग्रामीणों में है काफी आक्रोश

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क बनते के साथ उखड़ते सड़क को देख ग्रामीण काफी आक्रोशित हो गए हैं। निर्माण कार्य घटिया तरीके से किया जा रहा है। बिना पदाधिकारियों और बिना इंजीनियर की उपस्थिति में ही संवेदक के द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़ा होने लगा है।

ग्रामीणों ने कहा कि कई वर्षों तक नुकीले पत्थरों भरी खराब सड़क में चलने के बरसों बाद हमारे क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है। मगर संवेदक की लापरवाही का खामियाजा समय साल 6 महीना बाद ही भुगतना पड़ेगा। साल 4 महीना बाद सड़क पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा और हमें फिर से उसी मुख्य सड़क पर चलना मजबूरी बन जाएगा। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जाच की मांग की है।

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