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शाखा का सम्मेलन:केंद्र की नीति के कारण किसानों को हक के लिए करना पड़ रहा है संघर्ष

चंदवा7 दिन पहले
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कामता पंचायत में माकपा का पतराटोली शाखा का सम्मेलन ग्राम प्रधान पचु की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें नौ सदस्यीय नई कमेटी का गठन कर प्रस्ताव पास किया गया। बतौर पर्यवेक्षक जिला सचिव सुरेन्द्र सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता अयूब खान, रमजान सांई चिश्ती ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के नोटबंदी और जीएसटी से पहले ही देशवासी तबाह हैं। आज किसान बदहाली पर हैं। अपने हक अधिकार को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं।

बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। महंगाई आसमान छू रही है। रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल में बेतहाशा मूल्यवृद्धि से आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। इससे खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई है। श्रमिकों को काम नहीं मिल रहा है। भाजपा नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार सरकारी संपत्तियों को बेचकर निजी हाथों को सौंप दिया है। इससे लाखों परिवारों का रोजगार छिन गया है।

राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने भी चुनाव में वादा किया कि किसानों को कृषि ऋण से मुक्ति मिलेगी, लेकिन ऐसा दिखाई नहीं दे रही है। सम्मेलन में सर्वसम्मति से सुधन गंझू को सचिव चुना गया। कार्यकारिणी सदस्यों में पचु गंझू, सफीद खान, मोटे गंझू, नगो गंझू, बंटी खान, चरकु गंझू, रंथु मुंडा, मनोज गंझू शामिल हैं, जिला सम्मेलन में डेलिगेट्स सुधन गंझु, मोटे गंझु, रंथु मुंडा, मनोज गंझू का चयन किया गया। जिला सम्मेलन में भागीदारी सुनिश्चित करने, नए कृषि बिल के खिलाफ 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने, संगठन को मजबूत करने समेत कई प्रस्ताव पारित किया गया।

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