हास्य की फुहार:पेट्रोल व शराब की कीमत समान है, आप घूम लीजिए या झूम लीजिए : शंभू शिखर

चतरा8 महीने पहले
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते मंत्री सत्यानंद भोक्ता। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम का उद्घाटन करते मंत्री सत्यानंद भोक्ता।
  • देर रात तक कवि-कवयित्री के व्यंग्य और हसगुल्लों पर दर्शक बजाते रहे तालियां, व्यवस्था पर भी करारा चोट

शहर के कॉलेज रोड स्थित होटल सेलिब्रेशन इन में पिंक इंडिया हेल्थ क्योर प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान शनिवार की शाम जश्न ए बहार, एक शाम गीत गजलों के नाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

इसकी शुरुआत झारखंड सरकार के श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता व राजद नेता सुभाष यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। कवि सम्मेलन शाम आठ बजे शुरू हुआ। दिल्ली से आई कवयित्री अनामिका अंबर ने सरस्वती पाठ से गीत गजलों की शाम का आगाज किया।

संपत सरल, तेजनारायण बेचैन और डॉ. विष्णु दयाल ने लोगों को लोटपोट किया

देश के विभिन्न शहरों से आए कवि व कवयित्रियों ने गीत गजलों का ऐसा रंग जमा कि देर रात 12 बजे तक श्रोता व्यंग्य व हसगुल्लो से लोटपोट होते रहे। दिल्ली से आए हास्य व्यंग्य के कवि शंभू शिखर ने हास्य व्यंग्य से लोगों को खूब हंसाया। हास्य व्यंग्य से व्यवस्था पर चोट किया।

उनके द्वारा प्रस्तुत हास्य व्यंग्य कुर्सी का कमाल, राजनीति के दलाल, डाल रौशनी पर मोटा माल चरते रहे, झूठे मुठे वायदो से,मीठी मीठी बोलियो से जनता की धन तिजोरियो में भरते रहे, खुद के विकास को ही देश का का विकास मानते रहे, पेट्रोल व शराब की कीमत समान है, आप घूम लिजिए या झूम लिजिए, पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई। कवि डॉ विष्णु दयाल सक्सेना ने प्यार मोहब्बत की गजलों से दर्शकों का मनोरंजन किया।

दिल्ली से आई कवयित्री अनामिका अंबर ने सरस्वती पाठ से गीत गजलों की शाम का आगाज किया।
दिल्ली से आई कवयित्री अनामिका अंबर ने सरस्वती पाठ से गीत गजलों की शाम का आगाज किया।

दरिया के भीतर भी समदंर जाग उठता है : अनामिका

अनामिका अंबर ने ए सांस सांस मैं महक जाऊं, मेरी आवाज की खुशबू को हवाएं दे, तू हवा है तो कर ले अपने हवाले मुझको, इससे पहले की कोई और बहा ले मुझको ने खूब बाहवाही लूटी। कवयित्री अनामिका अंबर ने भी अपने गीत गजलों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। उन्होंने कभी दरिया के भीतर भी समदंर जाग उठता है, मिले सम्मान हीरे का तो पत्थर जाग उठता है, मेरा ईश्वर, तेरा अल्लाह वो मालिक है सबका,मेहरबानी हो उसकी तो मुकदर जाग उठता है, प्रस्तुत कर की वाहवाही लूटी।

कवि सम्मेलन में उर्दू की कवयित्री मुमताज नसीम की गीत गजलों ने ऐसा समा बांधा कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। हास्य व्यंग्य के कवि संपत सरल ने अपने व्यंग्य से सरकार की व्यवस्था पर चोट किया। हास्य व्यंग्य के कवि तेजनारायण बेचैन के हसगुल्लो से श्रोताओं ने खूब मनोरंजन किया।

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