आंतरिक परीक्षा का मूल्यांकन:अभिभावकों ने कहा- मूल्यांकन सही नहीं होने से रिजल्ट खराब

डुमरी2 महीने पहले
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बैठक में शामिल अभिभावक व स्कूल के निदेशक व अन्य। - Dainik Bhaskar
बैठक में शामिल अभिभावक व स्कूल के निदेशक व अन्य।

सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रोग्रेसिव पब्लिक स्कूल डुमरी के विद्यार्थियों का विद्यालय के आंतरिक परीक्षा का मूल्यांकन गलत बनाने से परीक्षा परिणाम खराब आने का आरोप लगाकर अभिभावकों ने शनिवार को विद्यालय प्रबंधन के साथ हुई बैठक में रोष जताया। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय की लापरवाही का खामियाजा कुछ विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों का एक साल खराब हो गया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों का गुस्सा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ देखा गया।

बैठक के दौरान शांति व्यवस्था बहाल रखने को लेकर प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी के साथ पुलिस की तैनाती की गयी थी। डुमरी थाना प्रभारी राजू मुंडा बैठक के पुरे समय तक विधि व्यवस्था पर नजर रख हुये थे। बाद में स्कूल प्रबंधन द्वारा सीबीएसई बोर्ड को आंतरिक परीक्षा का मूल्यांकन की भेजी गयी कॉपी दिखाने और खराब परीक्षा परिणाम वाले विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम फिर से सुधार कर भेजने का बोर्ड से विद्यालय द्वारा पत्राचार करने का आश्वासन पर अभिभावक शांत हुये। शनिवार को इस मुद्दे पर बात करने के लिए विद्यालय में विद्यालय प्रबंधक शमशुल हक, प्राचार्य सरवर अली के साथ विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक हुई।

बैठक में इसरी बाजार की स्नेहा कुमारी के पिता रविन्द्र कुमार ने बैठक में बताया कि उसकी पुत्री का यूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री बोर्ड की आंतरिक परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक आया था परंतु सीबीएसई द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में उसकी पुत्री को 53 प्रतिशत अंक किस आधार पर आया। इससे साफ जाहिर होता है कि विद्यालय ने वैसे विद्यार्थियों को टारगेट में लेकर आंतरिक मूल्यांकन में हेराफेरी की जो विद्यार्थी दसवीं के बाद इस विद्यालय से निकल कर बाहर के विद्यालय में पढ़ना चाह रहे थे।

बताया कि प्री बोर्ड के रिजल्ट के आधार पर उसने अपनी पुत्री का नामांकन आई कॉम में बोकारो के एक नामी विद्यालय में करवाया था। जिसकी सूचना उन्होंने विद्यालय प्रबंधक को दे दी थी। आज इसी का परिणाम है कि विद्यालय ने उसकी पुत्री का रिजल्ट खराब कर दिया। अगर यही स्थिति रही तो उसकी पुत्री का नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। वहीं डुमरी का छात्र ओम कुमार के पिता रवि गुप्ता ने बैठक में बताया कि आंतरिक मूल्यांकन में विद्यालय ने सीबीएसई द्वारा जारी नियमों का पालन नहीं किया। नियम के तहत विद्यालय आंतरिक मूल्यांकन में यूनिट टेस्ट में 10, मिड टर्म में 30 और प्री बोर्ड में अधिक से अधिक 40 अंक दे सकता है। जिसका विद्यालय ने कुछ विद्यार्थियों को मूल्यांकन करने में पालन नहीं किया। उसके पुत्र को बोर्ड की परीक्षा में साइंस में 80 में 25 अंक और प्रैक्टिकल में 19 आया है। नियमतः जिस विद्यार्थी को प्रैक्टिकल में 19 अंक है उसे साइंस में 25 कैसे मिल सकता है। आरोप है कि विद्यालय ने उसके पुत्र का युनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री बोर्ड का मार्क्स उपलब्ध नहीं करवाया। मांगे जाने पर हर बार आना कानी की गयी।

इनका भी आरोप है कि वे अपने पुत्र को बाहर किसी अच्छे स्कूल में आगे की पढ़ाई करवाना चाह रहे थे। जिसकी खबर विद्यालय प्रबंधक को थी। इस बात पर मौके पर उपस्थित विद्यालय के प्राचार्य सरवर अली का कहना था कि आंतरिक मूल्यांकन में ओम को साइंस में 54 अंक दिया गया था परंतु जारी परीक्षा फल में सीबीएसई ने 25 अंक दिया।

अपने पक्ष में विद्यालय प्रबंधक द्वारा विद्यालय से बोर्ड को भेजे गये आंतरिक मूल्यांकन की कॉपी अभिभावकों को दिखाया। बैठक में कारी बरकत अली, राजकुमार पाण्डेय, अन्नपूर्णा कुमारी राजेश कुमार, अमिताभ जायसवाल, उमाशंकर राय, प्रवीण भदानी आदि उपस्थित थे।

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