परेशानी / लाॅकडाउन में बंद हैं जिले के 10 हजार सैलून, भुखमरी की स्थिति से बचाने के लिए सरकार संचालकाें काे दे 50-50 हजार रुपए

10 thousand salons in the district are closed in the lockdown
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10 thousand salons in the district are closed in the lockdown

  • अखिल भारतीय नाई संघ ट्रेड यूनियन गढ़वा जिला कमेटी ने प्रेसवार्ता कर सरकार से की राहत दिलाने की मांग

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

गढ़वा. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए कब तक सैलून खोले जाएंगे, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। तीन महीने से अधिक समय से जिले के दस हजार सैलून बंद रहने का असर अब इनसे जुड़े संचालकों व कारीगरों पर पड़ने लगा है। इन लोगों के समक्ष घोर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। अचानक लॉकडाउन की घोषणा होने की वजह से मार्च से अब तक सैलून बंद पड़े हुए हैं।

शहर से लेकर गांव तक लोगों के बाल काटकर व  दाढ़ी बना कर भरण पोषण करने वाले नाई समाज के लोग अब परेशान होने लगे हैं। लॉकडाउन के कारण उनके घर का बजट भी बिगड़ गया है। नाई समाज के लोगों का कहना है कि यदि सैलून कुछ दिनों तक और बंद रहा तो उनके सामने खाने के लाले पड़ जाएंगे। 

उन्होंने कहा कि अभी तो जो कुछ कमाया था, उससे किसी तरह काम चला रहे हैं। लेकिन धीरे-धीरे स्थिति गंभीर होती जा रही है। नाई समाज के लोगों का कहना है कि जब सब्जी, दूध, फल, फूल, खाद्यान्न सामग्री सहित अन्य दुकानों को थोड़ी छूट दी जा रही है तो आखिर नाई समाज के लोगों को क्यों नहीं दी जा रही है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहा है नाइयाें का परिवार 

जितेंद्र ठाकुर ने कहा कि वह लोगों के बाल काटने का काम करता था। जिससे घर का खर्च निकल आता था। लेकिन लॉकडाउन से पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। लॉकडाउन के कारण काफी दिनों से दुकान बंद पड़ी है। जिससे परिवार के सदस्यों की भरण पोषण करने में काफी दिक्कत हो रही है। जयप्रकाश ठाकुर ने कहा कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए लगभग सभी दुकानें खोलने की अनुमति दी जा चुकी है। सैलून खोलने की भी अनुमति दी जाएगी तो हम सभी नाइ समाज के लोग भी नियमों का पालन कर अपना काम करेंगे।

जल्द सैलून खाेलने की अनुमति दे सरकार 
अखिल भारतीय नाई संघ ट्रेड यूनियन गढ़वा जिला कमेटी के जिला अध्यक्ष गुप्तेश्वर ठाकुर ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि गढ़वा जिले में दस हजार सैलून हैं। इस लॉकडाउन में सैलून संचालक व कारीगरों की स्थिति अति दयनीय हो गई है। अभी तक सरकार के द्वारा सैलून खोलने की अनुमति नहीं मिलना निंदनीय है। जबकि पूरे राज्य में सांकेतिक धरना देकर व मांगपत्र सौंपकर सैलून खोलने की अनुमति मांगी गई है।

लेकिन अभी तक सरकार के कानों में जूं नहीं रेंगना सरकार के उदासीन रवैये काे दर्शाता है। सरकार जल्द से जल्द सैलून खोलने की अनुमति प्रदान कर सभी सैलून संचालक को  50 हजार एवं कारीगर को  30 हजार आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान  किया जाए। प्रेसवार्ता में जिला सचिव विजय ठाकुर, युवा मोर्चा के प्रमंडलीय अध्यक्ष रवींद्र नाथ ठाकुर, संजीव कुमार ठाकुर, राजीव कुमार ठाकुर, अभय कुमार ठाकुर, रंजीत कुमार ठाकुर आदि लोग उपस्थित थे।

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