सहायता उपलब्ध:सोन कनहर लिफ्ट परियोजना से 46700 हेक्येयर भूमि को मिलेगा पानी

गढ़वा15 दिन पहले
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  • नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ने सोन कनहर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का लिया जायजा, दिए निर्देश, कहा

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ जी के नायर, नाबार्ड के उप महाप्रबंधक सुमन सौरभ साहू ने गुरुवार को सोन कनहर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना सहित आधा दर्जन योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के लोगों को इस परियोजनाओं को समय पूरा करने का निर्देश दिया। नाबार्ड के मुख्य प्रबंधक डॉ जी के नायक ने अनराज डैम का निरीक्षण किया, अनराज डैम के निरीक्षण के बाद उन्होंने भंवरी में बन रहे इंटेक वेल का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान सोन – कनहर मेगा लिफ्ट सिचाई परियोजना में हुई प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि जिले में यह परियोजना नाबार्ड ने पिछले वित्तीय वर्ष मे स्वीकृत की गई थी। इस परियोजना की कुल लागत 1169.28 करोड़ रुपए है। जिसमें नाबार्ड ने कुल 1057.58 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता राज्य सरकार को की है। इस परियोजना के अंतर्गत नाबार्ड द्वरा कुल 396.40 करोड़ रुपए अभी तक निर्गत किए जा चुके हैं।

मुख्य महाप्रबंधक ने कनहर नदी और सोन नदी के किनारे बनने वाले पम्प हाउस व इंटक स्थल का भी निरीक्षण किया। वहीं निर्माण कार्य के दौरान विभिन्न जगहों पर हो रहे पाइप लाइन के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने जल संसाधन विभाग और एलटी के वरीय पदाधिकारियों व मुख्य महा प्रबन्धक को योजना की अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया गया। उन्होंने बताया किी इस योजना के पूरा होने से गढ़वा जिले में 46700 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। यह परियोजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण परियोजना है और जिले के लिए अतिमहत्वपूर्ण है।

उन्होंने विभाग को इस परियोजना को ससमय पूर्ण करने के लिए सभी आवश्यक कार्य करने को कहा। उन्होंने आसवस्त किया की इस परियोजना को पूर्ण करने के लिए नाबार्ड ससमय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने इस वर्ष और 500 करोड़ रुपए के कार्य करने का लक्ष्य विभाग को दिया।

दौरे के दौरान डॉ नायर रंका प्रखण्ड में नाबार्ड के समेकित जल प्रबंधन योजना का भी निरीक्षण किया और परियोजना क्षेत्र के पाँच गांव के लाभूकों से भी बात की। नाबार्ड की टीम ने सेनेटरी नैपकिन बनाने वाले प्रोडक्शन यूनिट का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि जिले में महिला स्वयं सहायता समूह की 90 महिलाओं को नाबार्ड के माध्यम से ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं नैपकिन पैड बना रही है।

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