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नियोजन नियमावली:राज्य की नियोजन नियमावली में हिंदी , मगही और भोजपुरी को जगह नहीं मिलने के विरोध में कल काली पट्‌टी बांधेगें अभाविप के सदस्य

गढ़वा16 दिन पहले
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  • अभाविप ने गढ़वा के युवाओं के साथ सरकार के फैसले को धोखाधड़ी बताया, लोगों से समर्थन की अपील

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गढ़वा के जिला संयोजक मंजूल शुक्ल ने कहा कि विद्यार्थी परिषद 14 सितंबर को “हिंदी दिवस” पर नियोजन नियमावली में हिंदी, मगहा व भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा में जगह नहीं दिए जाने के विरुद्ध काली पट्टी/रिबन बांध कर राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रकट करने की अपील की है। पलामू प्रमंडल के आम जनमानस हिंदी भाषी है, साथ ही यहाँ के विद्यार्थी अपने पढ़ाई में भी भाषा के पेपर में हिंदी का ही चयन करते हैं और पढ़ते हैं।

मगर राज्य सरकार की ओर से नियोजन नियमावली में क्षेत्रीय भाषा के तौर पर हिंदी हटाये जाने से पलामू प्रमंडल के युवाओं में आक्रोश व्याप्त है। रविवार को वे पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा की सूची में रखा गया है।

समय या पूर्व में यहां के युवाओं को इनकी शिक्षा नही दी गई और अचानक हिंदी,मगही को हटाने से यहां के युवा अपने साथ हुए छलावा से आक्रोशित हैं। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शशांक कुमार ने कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है और संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा की मान्यता दी है और हमें राष्ट्र की राजभाषा हिंदी के अलावा किसी दूसरे भाषा को जानना या पढ़ना जरूरी नही है।

बल्कि क्षेत्रीय भाषा को जानना और पढ़ना चाहिए। परंतु जानने के लिए किसी प्रकार से मजबूर नही किया जा सकता। स्थानीय विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय भाषा की सूची में से एक या दो भाषा को छोड़ दे तो न तो अन्य की यहां पढ़ाई होती है और न ही शिक्षक की व्यवस्था है।

नगर सह मंत्री रोबिन कश्यप ने कहा कि हिंदी दिवस पर युवाओं और जिलेवासियों से आग्रह है कि हिंदी को क्षेत्रीय भाषा के सूची से हटाए जाने के विरुद्ध काली पट्टी जरूर बांधे और सरकार को हिंदी जोड़ने के लिए कड़ा संदेश दें। ताकि पलामू प्रमंडल के युवाओं को न्याय मिल सके।

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