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हिंदी दिवस:निबंध, कला और भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

गढ़वा5 दिन पहले
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कार्यक्रम में उपस्थित छात्र। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र।
  • जीएन कान्वेंट स्कूल में विशेष कार्यक्रम, विचारों, भावों में हिंदी को महत्ता देने की अपील

स्थानीय जीएन कान्वेंट स्कूल में हिंदी दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। निबंध प्रतियोगिता कला तथा भाषण प्रतियोगिता में वर्ग नवम एवं दशम के छात्र - छात्राओं ने बढ़ - चढ़कर हिस्सा लिया। मौके पर अपने संबोधन में विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केशरी नें कहा कि हिंदी चिरकाल से भारत की संपर्क भाषा हैं। यह थोपनें वाली नहीं, यह स्वतः स्वीकार से योग्य हैं। यह गंगा की तरह स्वच्छ और निर्मल हैं।

यह हिमालय से लेकर कन्या कुमारी तक बोली जाती है। यह समावेशी भाषा हैं। यह राष्ट्र की भाषा एवं हिंदुस्तान की आत्मा हैं। भारत की राष्ट्रीय एकता के बनाये रखने में हिंदी का बहुत बड़ा योगदान हैं। वर्तमान परिवेश में अधिकांश लोगों का रुझान अंग्रेज़ी भाषा की तरफ ज्यादा हो रही हैं। जबकि विदेशी मूल के प्रख्यात फादर कामिल बुल्के ने हिंदी साहित्य से गहरा लगाव रखते हुए कहा संस्कृत महारानी हैं, हिंदी पटरानी है और अंग्रेज़ी तो नौकरानी है।

आज हर क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य की उपेक्षा हो रही है जो कि भारत की सभ्यता और संस्कृति के लिए खतरा है। हमारा यह कर्तव्य है कि हम अपने विचारों, भावों एवं मतों को विविध भाषाओं को हिंदी में अभिव्यक्त करें एवं इसकी समृद्धि में अपना योगदान दें। कोई भी भाषा तभी समृद्ध मानी जाती है जब उसका साहित्य भी समृद्ध हो ।

हिंदी साहित्य के विकास के लिए हमें प्रयासरत रहकर कार्य करना चाहिए। निबंध प्रतियोगिता में कक्षा नवम मे विद्या कश्यप प्रथम , कृति कुमारी द्वितीय व अमन कुमार कुशवाहा तृतीय स्थान पर रहे । वर्ग दशम में सत्यम कुमार प्रथम , सृष्टि आनंद द्वितीय एवं रुकशार खातून और शिवम कुमार सम्मिलित रूप से तृतीय स्थान पर रहे।कार्यक्रम को सम्बोधित करने में हिंदी विभाग के प्राचार्य बसंत ठाकुर , शिक्षक विनय दूबे, शारदानंद उपाध्याय ने किया जबकि कार्यक्रम को सजाने में उदय प्रकाश , संतोष प्रसाद , नरेंद्र सिन्हा , रिज़वाना शाहिन, अनुपा तिर्की , नीलम कुमारी आदि शिक्षकों की सरहानीय भूमिका रही।

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