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प्रवास कार्यक्रम:हेमंत सरकार ने मूलवासियों को ठगा है और बाहर के लोगों के लिए नौकरी का दरवाजा खोला, आदिवासी चुप नहीं बैठेंगे

गढ़वा4 दिन पहले
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कार्यकर्ताओं से बातचीत करते अजजा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष। - Dainik Bhaskar
कार्यकर्ताओं से बातचीत करते अजजा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष।
  • गढ़वा में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा का यात्रा सह प्रवास कार्यक्रम, सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा का यात्रा सह प्रवास कार्यक्रम प्रवास कार्यक्रम के तहत टीम रविवार को भंडरिया, बड़गड़ व चिनियां होते हुए गढ़वा पहुंची। गढ़वा में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश सिंह चेरो ने कहा कि वर्तमान की हेमंत सरकार जनजाति मुख्यमंत्री होने का अधिकार खो चुकी है। झामुमो सरकार में गढ़वा पलामू सहित पूरे झारखंड के लोग त्रस्त है।

हेमंत सरकार नियोजन नियमावली के नाम पर झारखंड के लोगों का शोषण करने में लगी हुई है। आदिवासी समाज हिन्दू है हिन्दी हमारी मुल भाषा है। उन्होंने कहा कि गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा व लोहरदगा के आदिवासी हिंदी, मगही व भोजपुरी भाषा को समझते हैं। उन्होंने कहा कि जब उड़िया, नागपुरी, बंग्ला व संथाली भाषा का पढ़ाई विद्यालय में हुआ ही नहीं है।

तो फिर क्षेत्रीय भाषा में छात्र परीक्षा कैसे देंगे। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड राज्य का निर्माण कराया। लेकिन झामुमो सरकार ने झारखंड को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने गढ़वा विधायक सह मंत्री मिथलेश ठाकुर पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बाहरी लोग आकर गढ़वा व पलामू के अधिकारों को बेच रहे हैं।

जब हिन्दी, मगही व भोजपुरी भाषा समझने वाले लोगों का अधिकार का चिरहरण हो रहा था। तो उस समय मिथलेश ठाकुर कैबिनेट बैठक में बैठकर ताली बजा रहे थे। इन्होंने गढ़वा पलामू सहित पूरे झारखंड के लोगों के आंखों में धूल झोंकने का काम किया है। झामुमो एक परिवार की पार्टी है जो सिर्फ अपने परिवार का विकास तेजी से करने में लगा हुआ है।

झामुमो सरकार में मंत्री विधायक की संपत्ति तेजी से बढ़ी है आम जनता कंगाल होते जा रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार ने आदिवासी समाज के साथ विश्वासघात किया है। आदिवासी समाज में 80 प्रतिशत लोग हिंदी मगही भोजपुरी भाषा को समझते हैं लेकिन हेमंत सरकार ने जो नियमावली बनाया है।

उसमें बाहर के लोगों को नौकरी मिलेगी। लेकिन झारखंड के मुल निवासी नौकरी नहीं ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने जो नियमावली बनाया है। उसमें यह प्रावधान किया है कि झारखंड के छात्र जो दूसरे राज्यों में पढ़ाई किए हैं। उनको नौकरी नहीं मिलेगी। जबकी दूसरे राज्यों के लोग झारखंड में पढ़ाई किए हैं तो उन्हें नौकरी मिलेगी। यह नियमावली झारखंड के लोगों के हित में नहीं है हेमंत सरकार अपने ही राज्य में लोगों को बेघर कर रही है।

यह सरकार अविलंब नियमावली में बदलाव करें। अन्यथा आदिवासी समाज चुप नहीं बैठेगा। हेमंत सरकार आदिवासियों के भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। मौके पर भाजपा जिला महामंत्री संतोष दुबे, जिला मीडिया प्रभारी विवेकानंद तिवारी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राम सकल कोरवा, मोहन सिंह चेरो, बिगन सिंह, संतोष सिंह, पच्चु सिंह, मनोज सिंह, सनी कुमार सिंह, ललीत सिंह, अनिल सिंह आदि मौजूद थे।

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