अपील / लॉकडाउन में साइबर क्राइम से बचने की जरूरत : डीएसपी

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  • साइबर डीएसपी के दिए टिप्स अपनाकर आप भी धोखाधड़ी से बच सकते हैं

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

गढ़वा. रांची की साइबर डीएसपी यशोधरा ने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को साइबर क्राइम का शिकार होने से बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा है कि लोगों को कुछ चीजों को ध्यान में रखना होगा, तभी वे बदमाशों के झांसे में आने से बच सकेंगे। 
ओटीपी शेयर ना करें - किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा फोन किए जाने पर उसे ओटीपी बताएं। अक्सर साइबर अपराधी फर्जी बैंक का अधिकारी बन कर लोगों को फोन करते हैं और अकाउंट अपडेट या  आधार से  लिंक करने की बात कहते हुए पूरी जानकारी लेने के बाद ओटीपी पूछकर पैसे की निकासी कर लेता है। ऐसे में किसी भी हाल में ओटीपी बताने से बचना चाहिए।
पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए यूपीआई पिन डालने से बचें - किसी भी प्रकार के पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए पीन की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए अगर कोई यूपीआई पिन डालने के लिए कहता है तो उससे बचें। यदि कोई ओएलएक्स, क्वीकर या फेसबुक से सामान बेचते हैं और ऐसे में कोई फोन कर कहता है कि मैं लिंक भेज रहा हूं, पैसा आपके अकाउंट में आ जाएगा या गूगल पर पर मेरी पेमेंट एक्सेप्ट कर ले। यह ध्यान रखें कि कभी भी पैसा पाने के लिए यूपीआई पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती है। साइबर फ्रॉड लोगों को गुमराह करते हैं और अकाउंट से पैसे की ठगी कर लेते हैं।
अनजान एसएमएस को क्लिक किया फॉरवर्ड करने से बचें - अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को फॉरवर्ड या ओपन कभी ना करें। साइबर फ्रॉड अक्सर एसएमएस के माध्यम से लिंक भेज कर ठगी की घटना का अंजाम देता है।
स्क्रीन शेयरिंग एप का इस्तेमाल करने से बचें - एनीडेस्क, टीमव्यूअर जैसे स्क्रीन शेयरिंग एप के इस्तेमाल करने से बचने की आवश्यकता है। ऐसे ऐप से साइबर अपराधी मोबाइल की जानकारी बिना बताए लोगों के मोबाइल से ले लेता है। कभी भी किसी अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड ना करें।
कभी भी कस्टमर केयर का नंबर गूगल से सर्च ना करें - अक्सर लोगों को देखा जाता है कि कस्टमर केयर का नंबर गूगल से सर्च कर फोन पर जानकारी का आदान प्रदान करते हैं। लोगों को ऐसा करने से परहेज करना चाहिए। गूगल पर सर्च किया गया कस्टमर केयर का नंबर साइबर अपराधियों का भी हो सकता है। ऐसे में वह झांसे में लेकर ठगी की घटना का अंजाम दे सकता है।
बैंक अधिकारी बनकर लिया डिटेल, ओटीपी पूछकर तीन बार में की 28 हजार की निकासी 
लॉक डाउन के दौरान साइबर अपराधी भी लगातार अपनी सक्रियता दिखा रहा है और फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लगातार लोगों को फोन कर ठगी की घटना का अंजाम दे रहा है। कुछ लोग साइबर अपराधी के झांसे में आ जा रहे हैं जबकि कुछ लोग एन वक्त पर समझ जा रहे हैं जिसके बाद वे ठगी होने की घटना से बच रहे हैं। साइबर अपराधियों ने शनिवार की सुबह एक पत्रकार को अपना निशाना बनाते हुए फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन किया और तीन बार में 28 हजार रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित पत्रकार का नाम मुकेश कुमार सिंह है और वह बरियातू के रहने वाले हैं। फर्जी बैंक अधिकारी पत्रकार के मोबाइल पर फोन किया जिसके बात उनकी पत्नी ने फोन रिसीव किया। फोन करने वाले ने अपने को बैंक अधिकारी बताते हुए अकाउंट अपडेट करने की बात कहकर डिटेल पूछा और मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी पूछा। ओटीपी बताने के बाद साइबर अपराधियों ने तीन बार में 28 हजार की निकासी कर ली। पैसे निकासी के मामले में मोबाइल पर मैसेज आने के बाद इस बात की जानकारी हुई कि वे ठगी के शिकार हुए हैं।  इसके बाद पीड़ित पत्रकार ने तुरंत एटीएम ब्लॉक कराया और थाना पहुंचकर मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर अपराधियों के बारे में जानकारी जुटा कर उसे गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

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