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स्वास्थ्य व्यवस्था:तीन बजे के बाद आए सामान्य मरीजों का ओपीडी में नहीं किया जाता इलाज

गढ़वा11 दिन पहले
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जिला के सदर अस्पताल जिसके भरोसे पूरे जिला के स्वास्थ्य व्यवस्था टिकी हुई है। बावजूद यहां के सरकार व स्थानीय विधायक होने के बाद भी दुर्दशा ज्यों का त्यों बना हुआ है। सदर अस्पताल जहां आए दिन हजारों लोग बीमार होते हैं। पर इलाज के लिए सदर अस्पताल में आने के बाद उन्हें सही तरीके से चिकित्सा व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण वह लोग शहर के निजी क्लीनिक में अपना बीमारी का इलाज करा रहे हैं।

इसी तरह का नजारा शहर में रोजाना देखने को मिलता है। सोमवार को देर शाम 6:00 बजे एक मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में लाया गया। चिकित्सक ने कहा कि इमरजेंसी ड्यूटी है। कल ओपीडी में आकर इलाज कराइएगा। इसके बाद मरीज सदर अस्पताल से बाहर निकल निजी क्लीनिक में जाकर अपना इलाज कराते है। इस संबंध में मरीज ने बताया कि उसे सर्दी खांसी व बुखार आ रहा था। जिसके बाद वह इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा में पहुंचा जब वे इलाज कराने के लिए चिकित्सक के पास गया तो चिकित्सक ने उसे साफ मना कर दिया। कहा कि अभी इमरजेंसी ड्यूटी है। कल ओपीडी में 9:00 बजे के बाद आएगा तो इलाज होगा। जिला का सदर अस्पताल होने के बावजूद भी इस तरह की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल है।

इधर कीटनाशक दवा खा कर आए मरीज के परिजनों ने बताया कि मरीज भवनाथपुर थाना क्षेत्र के सिंदुरिया गांव निवासी विनोद पाठक 55 वर्षों की कीटनाशक दवा खा कर बीमार थे। उन्हें तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा में सोमवार को 12:00 बजे भर्ती कराया गया था।

भर्ती के 1 घंटे के बाद चिकित्सकों के द्वारा उन्हें तत्काल रेफर कर दिया गया। इस संबंध में सिविल सर्जन कमलेश कुमार ने बताया कि चिकित्सक के द्वारा कहा गया बात सही है। लेकिन मरीज को स्थिति देखने के बाद उनका इलाज किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि भवनाथपुर से कीटनाशक दवा खा कर आए मरीज का इलाज मैं खुद किया हूं। और वह व्यक्ति सल्फास खाकर आया था। स्थिति गंभीर होने के बाद उसे प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया है।

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